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Chhattisgarh No Confidence Motion: 136 आरोपों के साथ कांग्रेस ने सरकार को घेरा, ध्वनिमत से गिरा अविश्वास प्रस्ताव

Chhattisgarh No Confidence Motion पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। करीब 14 घंटे 30 मिनट चली चर्चा के दौरान कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश किया। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। अंत में अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया।

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Chhattisgarh No Confidence Motion: कांग्रेस ने लगाए 136 आरोप

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दिसंबर 2023 में सत्ता संभालने के बाद 135 सप्ताह पूरे कर लिए हैं और 136वें सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। इसी आधार पर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ 136 आरोपों का आरोप-पत्र पेश किया।

महंत ने कहा कि सरकार बनने के बाद हर सप्ताह कोई न कोई गंभीर मामला सामने आया है। उन्होंने इसे वादाखिलाफी, प्रशासनिक विफलता और जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप बताया।


हसदेव अरण्य और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार घिरी

Chhattisgarh No Confidence Motion के दौरान कांग्रेस ने हसदेव अरण्य में कोयला खनन और पेड़ों की कटाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि सरकार ने 91 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की अनुमति देकर लगभग 15 हजार पेड़ों की कटाई का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने हसदेव को मध्य भारत के “फेफड़े” बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी का आरोप लगाया।

इसके अलावा कांग्रेस ने—

  • महिलाओं के खिलाफ अपराध,
  • बलौदाबाजार हिंसा,
  • किसानों की समस्याएं,
  • धान खरीदी,
  • पेसा कानून,
  • आदिवासी भूमि,
  • अवैध रेत खनन,
  • भारतमाला परियोजना और आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार

जैसे मुद्दों को भी सदन में उठाया।

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सरकार का पलटवार, पूर्व कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोप

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच शुरू कराई और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।

बहस के दौरान राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया, जिससे सदन में हंगामा हुआ। स्थिति को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।


भाजपा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने अविश्वास प्रस्ताव को कमजोर बताते हुए सरकार के कार्यों का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राज्य में सुशासन, विकास और पारदर्शी प्रशासन के लिए लगातार कार्य कर रही है।

वहीं कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार वर्तमान मुद्दों का जवाब देने के बजाय बार-बार पिछली कांग्रेस सरकार की चर्चा कर रही है। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति और नशे की बढ़ती समस्या का भी मुद्दा उठाया।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जवाब

Chhattisgarh No Confidence Motion पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासियों के जनादेश के खिलाफ लाया गया है।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार जनता के हित में काम कर रही है और भविष्य में भी जनता का विश्वास भाजपा के साथ बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार और पिछली सरकार के दौरान हुए कथित घोटालों को लेकर भी निशाना साधा।

चर्चा समाप्त होने के बाद विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया।


Chhattisgarh No Confidence Motion पर हुई लंबी बहस ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेदों को एक बार फिर सामने ला दिया। कांग्रेस ने 136 आरोपों के जरिए सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि भाजपा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए सभी आरोपों को खारिज किया। अंततः विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिर गया और साय सरकार ने सदन का विश्वास बरकरार रखा।

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