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छत्तीसगढ़ में नया धर्मांतरण कानून लाने की तैयारी, चंगाई सभा पर भी लग सकती है रोक: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर, 15 अक्टूबर 2025:
छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही एक Chhattisgarh new anti-conversion law लेकर आ रही है। यह कानून राज्य में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए बनाया जा रहा है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, जो गृह विभाग का कार्यभार संभाल रहे हैं, ने मंगलवार को कहा कि नया कानून अन्य राज्यों के मौजूदा कानूनों से “एक कदम आगे” होगा।

⚖️ चंगाई सभा पर कानूनी रोक की तैयारी

विजय शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस कानून में “चंगाई सभा (faith healing meetings)” जैसी गतिविधियों को रोकने का भी प्रावधान शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “ऐसी सभाओं के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जाता है। इन्हें रोकने के लिए कानूनी प्रावधान जरूरी हैं, जो नए अधिनियम में जोड़े जाएंगे।”

🏛️ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान

इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक साक्षात्कार में कहा था कि आगामी विधानसभा सत्र में नया और अधिक सख्त धर्मांतरण कानून पेश किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह कानून राज्य में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन स्थापित करेगा।

🗣️ विपक्ष का सवाल – “कानूनी आधार क्या है?”

इस बयान पर राज्य कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मौजूदा कानूनों के तहत चंगाई सभाएं धार्मिक कार्यक्रम हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें किस कानूनी प्रावधान के तहत प्रतिबंधित किया जाएगा।”
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को सीमित करने की कोशिश कर रही है।

📜 नया कानून होगा और सख्त

विजय शर्मा ने कहा कि नया कानून अन्य राज्यों के अनुभवों और प्रावधानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा, “यह अधिनियम पूरे देश में लागू कानूनों से एक कदम आगे होगा। इसमें ऐसे प्रावधान होंगे जो धर्मांतरण की किसी भी गलत प्रक्रिया को रोकने में प्रभावी साबित होंगे।”

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इस विधेयक को अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाए।