Raipur Electric Locomotive Project के तहत भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर (HHP) डीजल शेड में 250 थ्री-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं विकसित करने हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे के बढ़ते इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के अनुरूप रखरखाव क्षमता बढ़ाना और परिचालन को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाना है।
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भारतीय रेलवे के अनुसार यह परियोजना मौजूदा परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने, लोकोमोटिव बेड़े के विस्तार और रखरखाव अवसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Raipur Electric Locomotive Project: क्या होती है होमिंग सुविधा?
रेलवे में होमिंग (Homing) का अर्थ किसी लोकोमोटिव को एक निर्धारित लोकोमोटिव शेड से जोड़ना होता है, जो उसका प्राथमिक रखरखाव केंद्र बनता है।
यहीं पर लोकोमोटिव की नियमित सर्विसिंग, सुरक्षा निरीक्षण, मरम्मत और तकनीकी देखभाल की जाती है। इससे इंजन का सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित होता है।
नई होमिंग सुविधा बनने से रायपुर डिपो में अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का रखरखाव संभव हो सकेगा।
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Raipur Electric Locomotive Project से रेलवे को होंगे कई बड़े लाभ
भारतीय रेलवे लगातार इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े का विस्तार कर रही है। माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ने के साथ रखरखाव सुविधाओं का विस्तार भी आवश्यक हो गया है।
इस परियोजना के प्रमुख लाभ—
मौजूदा अधोसंरचना का बेहतर उपयोग
रायपुर स्थित मौजूदा HHP शेड का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध रहेगा।
रखरखाव क्षमता में होगी वृद्धि
250 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की होमिंग सुविधा बनने से इंजन के रखरखाव, निरीक्षण और मरम्मत की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
माल और यात्री परिवहन होगा अधिक प्रभावी
बेहतर रखरखाव से ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, परिचालन अधिक सुचारु होगा और माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार
Raipur Electric Locomotive Project को मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से मजबूत हो रही है। यह परियोजना राज्य के रेल नेटवर्क को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता बढ़ेगी और रेलवे संचालन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगा।
Raipur Electric Locomotive Project से छत्तीसगढ़ को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास जताया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रेलवे अधोसंरचना मजबूत होने से उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, माल ढुलाई की गति बढ़ेगी और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह परियोजना विकसित भारत 2047 और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है।
Raipur Electric Locomotive Project भारतीय रेलवे और छत्तीसगढ़ दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है। ₹175 करोड़ की लागत से बनने वाली अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं रेलवे के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव नेटवर्क को नई मजबूती देंगी। इससे रखरखाव क्षमता बढ़ेगी, परिचालन अधिक सुरक्षित होगा और माल एवं यात्री परिवहन को गति मिलेगी। Raipur Electric Locomotive Project भविष्य में रायपुर को देश के प्रमुख रेलवे और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।
