CGMSC Drug Quality Test को लेकर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने स्पष्ट किया है कि राज्य में स्वास्थ्य केंद्रों को दवाओं का वितरण केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जांच पूरी होने के बाद ही किया जाता है। निगम ने यह जानकारी Unicure India Ltd. से संबंधित एक प्रकरण के संदर्भ में जारी की है।
सीजीएमएससी के अनुसार दवा खरीद और आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया गुणवत्ता आधारित और दवा विनियामक मानकों के अनुरूप संचालित की जाती है।
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CGMSC Drug Quality Test और Unicure India Ltd. का मामला
सीजीएमएससी को फर्म Unicure India Ltd. ने 18 मई 2026 को सूचना दी थी कि मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड, भोपाल द्वारा 8 मई 2026 को Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml – 100 ml bottle के तीन बैचों को शासकीय प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण के दौरान अमानक पाए जाने के बाद फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
जानकारी के अनुसार इससे पहले इसी दवा के एक बैच को उत्पाद स्तर पर ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था। इसके बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन ने अपनी निविदा प्रक्रिया के तहत संबंधित दर अनुबंध को ब्लॉक कर आवश्यक क्रय आदेश निरस्त करने की कार्रवाई की।
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ब्लैकलिस्टिंग के बाद क्या कार्रवाई हुई
सीजीएमएससी ने बताया कि फर्म द्वारा उपलब्ध कराए गए ब्लैकलिस्टिंग आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि यह आदेश पहले से खरीदी गई या जारी किए जा चुके क्रय आदेशों पर लागू नहीं होगा, यदि वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों।
निगम के अनुसार Unicure India Ltd. द्वारा आपूर्ति की गई दवाओं का परीक्षण सीजीएमएससी की अनुबंधित NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कराया गया, जहां संबंधित दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं। इसके बाद ही उनका वितरण किया गया।
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गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही स्वास्थ्य केंद्रों को दवा वितरण
मानकों पर आधारित है पूरी प्रक्रिया
CGMSC Drug Quality Test के तहत निगम ने दोबारा स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के उपयोग के लिए दवाओं का वितरण एक विधिसम्मत और मानकों पर आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है।
हर दवा का गुणवत्ता परीक्षण कराया जाता है और संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही उसे स्वास्थ्य केंद्रों तक भेजा जाता है।
नए अनुबंध और खरीद आदेश पर रोक
ब्लैकलिस्टिंग की सूचना प्राप्त होने के बाद संबंधित फर्म के साथ कोई नया दर अनुबंध या नया क्रय आदेश जारी नहीं किया गया है।
सीजीएमएससी ने इसे गुणवत्ता केंद्रित और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
हाईकोर्ट में लंबित है मामला
फर्म Unicure India Ltd. ने इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, मुख्य पीठ जबलपुर में याचिका दायर की है।
फर्म द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई 10 जून 2026 को निर्धारित की गई है। सीजीएमएससी ने कहा है कि न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दवा गुणवत्ता को लेकर सीजीएमएससी की प्रतिबद्धता
निगम ने कहा है कि दवा खरीद, परीक्षण और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह गुणवत्ता और नियामकीय मानकों पर आधारित है।
उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वास्थ्य केंद्रों तक केवल मानक गुणवत्ता वाली दवाएं ही पहुंचें और आम जनता को सुरक्षित एवं विश्वसनीय दवा उपलब्ध हो।
CGMSC Drug Quality Test को लेकर जारी स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन दवा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। गुणवत्ता परीक्षण, NABL प्रयोगशालाओं की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं का वितरण किया जाता है। साथ ही ब्लैकलिस्टिंग और न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
