बिलासपुर | 03 अगस्त 2026। Bilaspur Bus Accident में रविवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया। बिलासपुर जिले में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर स्थित चापी नाले की एक जर्जर पुलिया अचानक ढह गई। उसी समय एक निजी यात्री बस पुलिया से गुजर रही थी। बस में लगभग 35 यात्री सवार थे। ड्राइवर की सूझबूझ और संतुलन बनाए रखने की क्षमता के कारण बस नाले में गिरने से बच गई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना में किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रशासन ने बस को मौके से हटाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
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Bilaspur Bus Accident: चापी नाले की पुलिया अचानक ढही
जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार दोपहर करीब 3 बजे रतनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंसाझाल गांव के पास हुआ।
निजी बस पेंड्रा रोड से बिलासपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस चापी नाले की पुलिया पर पहुंची, पुलिया का बीच का स्लैब अचानक टूटकर नीचे गिर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिया का मध्य हिस्सा टूटने के कारण संरचना दो भागों में बंट गई और उसका एक हिस्सा सीधे नाले में जा गिरा।
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ड्राइवर की सूझबूझ से बचीं 35 यात्रियों की जान
Bilaspur Bus Accident में सबसे बड़ी राहत यह रही कि बस चालक ने घबराने के बजाय वाहन का संतुलन बनाए रखा।
बस पुलिया के टूटे हुए हिस्से पर आगे की ओर झुकी हुई स्थिति में फंस गई, लेकिन चालक ने वाहन को पलटने या नाले में गिरने नहीं दिया। इसके बाद सभी यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
यात्रियों ने चालक की सतर्कता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि यदि उसने धैर्य नहीं रखा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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Bilaspur Bus Accident पर कलेक्टर का बयान
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भेज दिया गया है। बाद में क्षतिग्रस्त पुलिया पर फंसी बस को भी सुरक्षित निकाल लिया गया।
प्रशासन ने घटना के बाद मौके का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिया का स्लैब टूटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
बस का अगला हिस्सा हवा में झूलता हुआ नजर आ रहा था, जबकि पीछे का हिस्सा पुलिया पर टिका हुआ था। कुछ देर तक बस बेहद खतरनाक स्थिति में फंसी रही, लेकिन चालक ने संयम बनाए रखा, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जर्जर पुलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
Bilaspur Bus Accident के बाद क्षेत्र की पुरानी और जर्जर पुलियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया की हालत लंबे समय से खराब थी। समय रहते मरम्मत या पुनर्निर्माण किया जाता तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।
लोगों ने प्रशासन से जिले की सभी पुरानी पुलियों और पुलों का तकनीकी निरीक्षण कराने तथा आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।
Bilaspur Bus Accident की प्रमुख बातें
- चापी नाले की पुलिया अचानक ढह गई।
- हादसा रतनपुर थाना क्षेत्र के बंसाझाल गांव के पास हुआ।
- बस में लगभग 35 यात्री सवार थे।
- चालक की सूझबूझ से बस नाले में गिरने से बची।
- सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं।
- प्रशासन ने बस को मौके से हटाया और जांच शुरू की।
Bilaspur Bus Accident ने एक बार फिर जर्जर पुलों और पुलियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि चालक की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले से लगभग 35 यात्रियों की जान बच गई। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेजी से पूरा किया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुरानी संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत बेहद आवश्यक है।
