Adhivakta Parishad Jagdalpur जिला इकाई द्वारा आयोजित दो दिवसीय अभ्यास वर्ग 19 और 20 सितंबर 2026 को रोटरी क्लब जगदलपुर के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न इकाइयों से जुड़े अधिवक्ताओं ने सहभागिता की।
अभ्यास वर्ग के दौरान अधिवक्ता परिषद की स्थापना के उद्देश्य, संगठनात्मक गतिविधियों तथा वर्तमान और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं को संगठनात्मक दायित्वों और न्याय व्यवस्था से जुड़े व्यापक विषयों से अवगत कराना रहा।
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Adhivakta Parishad Jagdalpur में वरिष्ठ पदाधिकारियों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री भरत कुमार, राष्ट्रीय मंत्री श्री विक्रम दुबे और क्षेत्रीय संयोजक श्री प्रदीप सिंह शामिल हुए। इसके अलावा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर बेंच के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री दीपेंद्र सिंह कुशवाहा ने भी कार्यक्रम में मार्गदर्शन दिया।
वक्ताओं ने अधिवक्ता परिषद की स्थापना के उद्देश्य, संगठन की भूमिका और आगामी कार्यक्रमों से संबंधित विषयों पर विचार रखे। उपलब्ध कार्यक्रम रिपोर्ट के अनुसार अधिवक्ताओं की सामाजिक भूमिका और न्याय से जुड़े दायित्वों पर भी चर्चा हुई।
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अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद अपनी आधिकारिक जानकारी में स्वयं को देशभर में कार्यरत अधिवक्ताओं का संगठन बताती है और विधि शिक्षा, न्याय सुधार तथा अधिवक्ताओं की पेशेवर भूमिका से जुड़े विषयों पर गतिविधियां संचालित करने की जानकारी देती है।
बस्तर के इतिहास और न्याय व्यवस्था पर विशेष चर्चा
अभ्यास वर्ग में बस्तर राज परिवार के महाराजा श्री कमलचन्द्र भंजदेव भी पहुंचे। उन्होंने बस्तर की ऐतिहासिक न्याय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की जानकारी उपस्थित लोगों के साथ साझा की।
बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए कार्यक्रम में यह चर्चा विशेष महत्व रखती रही। अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक विषयों के साथ स्थानीय इतिहास और न्याय व्यवस्था से संबंधित जानकारी साझा किए जाने से कार्यक्रम का दायरा व्यापक हुआ।
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Adhivakta Parishad Jagdalpur कार्यक्रम में दुर्ग इकाई की सहभागिता
कार्यक्रम में अधिवक्ता परिषद जिला इकाई दुर्ग के अध्यक्ष श्री दीपेंद्र देशमुख, राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य श्री समीर कुमार त्रिपाठी और महामंत्री श्री राजेश महाडिक ने भी सहभागिता की।
इसके साथ ही श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, श्री सुदर्शन महलवार और श्रीमती स्नेहा वैद्य सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी जगदलपुर में आयोजित अभ्यास वर्ग में शामिल हुए।
अभ्यास वर्ग में विभिन्न इकाइयों के अधिवक्ताओं की भागीदारी से संगठन के बीच संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर मिला। इस तरह के आयोजन में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श भी किया जाता है।
न्याय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर बढ़ा संवाद
कार्यक्रम के दौरान न्याय व्यवस्था और अधिवक्ताओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। छत्तीसगढ़ में जिला स्तर पर न्यायिक और कानूनी सेवाओं की अपनी संस्थागत व्यवस्था है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जगदलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के रूप में कु. अंकिता कश्यप का उल्लेख है।
वहीं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी NALSA के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक जिले में कानूनी सहायता कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाता है।
इस व्यापक न्यायिक व्यवस्था के बीच अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण, संवाद और संगठनात्मक गतिविधियां पेशेवर अनुभव साझा करने का माध्यम बनती हैं।
मां दंतेश्वरी के दर्शन का भी मिला अवसर
जगदलपुर प्रवास के दौरान कार्यक्रम में शामिल प्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं को मां दंतेश्वरी के दर्शन का अवसर भी प्राप्त हुआ। बस्तर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में मां दंतेश्वरी मंदिर का विशेष स्थान है।
इस प्रकार दो दिवसीय Adhivakta Parishad Jagdalpur अभ्यास वर्ग में संगठनात्मक मार्गदर्शन, न्याय व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा, बस्तर के ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक यात्रा—इन सभी पहलुओं का समावेश रहा।
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जगदलपुर में आयोजित Adhivakta Parishad Jagdalpur का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग 19 और 20 सितंबर को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों ने अधिवक्ता परिषद के उद्देश्य और आगामी गतिविधियों पर मार्गदर्शन दिया। विभिन्न जिला इकाइयों की सहभागिता और बस्तर की ऐतिहासिक न्याय व्यवस्था पर चर्चा ने आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया। साथ ही मां दंतेश्वरी के दर्शन के साथ जगदलपुर प्रवास का धार्मिक एवं सांस्कृतिक पक्ष भी जुड़ा रहा।
