आजादी का उत्सव : मुख्यमंत्री बघेल ने लिया बड़ा फैसला, दुष्कर्मियों पर सरकारी नौकरी पर प्रतिबंध, साहित्य, खेल, शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों को दी सौगात

रायपुर (छत्तीसगढ़)। आजादी के महापर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अनेक सौगातें दी है। मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि बालिकाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि के आरोपियों को शासकीय नौकरियों में प्रतिबंधित किया जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं उनकी अस्मिता बनाये रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम निर्णय लेने जा रहे हैं कि बालिकाओं एवं महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि के आरोपियों को शासकीय नौकरियों से प्रतिबंधित किया जायेगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने साहित्य खेल, खेल, शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों के लिए भी अनेक घोषणाएं की। उन्होंने अपने संबोधन में साहित्यिक वातावरण को सुदृढ़ करने तीन श्रेणियों में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान देने की घोषणा की। इनमें पहली श्रेणी अंतर्गत छत्तीसगढ़ी तथा अन्य बोली जैसे गोंडी, हल्बी, सरगुजिया में लिखे गए साहित्य के लिए, दूसरी श्रेणी के अंतर्गत हिंदी पद्य के लिए तथा तृतीय श्रेणी के अंतर्गत हिंदी गद्य के लिए हर श्रेणी में सम्मानित साहित्यकारों को पांच लाख रूपए नगद एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की, यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा।
रेशम कीट पालन एवं मधुमक्खी पालन को भी कृषि का दर्जा देने की घोषणा की। कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने ’कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना’ आरंभ हुई। इस योजना के अंतर्गत कुक्कुट पालकों को सब्सिडी तथा वाणिज्यिक दर के स्थान पर अब रियायती दर पर बिजली उपलब्ध करायी जाएगी।

दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हेतु देश की ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाओं में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इस क्रम में शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय सारंगढ़, डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय पेण्ड्रा, क्रांतिकुमार भारती महाविद्यालय सक्ती, एलसीएस महाविद्यालय अंबागढ़ चौकी को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। यहां अतिशीघ्र आवश्यक नवीन विषय एवं पद संरचना उपलब्ध कराई जाएगी।

अगले शिक्षा सत्र से स्कूली बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकी जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर से कॉलेज आने-जाने के लिए बस की निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अगले सत्र से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों के स्थानीय बोली को कक्षा पहली से कक्षा पांचवीं तक पाठ्यक्रम के एक विषय के रूप में सम्मिलित किया जाएगा।

शहरी स्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठकों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की। निर्माण श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना अंतर्गत 60 वर्ष पूरी करने वाले तथा 10 साल तक पंजीकृत रहे श्रमिकों को जीवन पर्यन्त हर महीना 1500 रूपए मासिक पेंशन दी जाएगी।

आईटीआई में कार्यरत संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों के एकमुश्त संविदा वेतन को 25780 रूपए से बढ़ाकर 32740 रूपए करने तथा मेहमान प्रवक्ताओं के प्रति माह अधिकतम भुगतान की सीमा को 13 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए करने की घोषणा की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं में योगदान देने वाले अंशकालीन सफाई कर्मी एवं मध्यान्ह भोजन से जुड़े रसोईयों के मानदेय में 500 रूपए प्रति माह वृद्धि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी न्याय योजनाओं का प्रत्यक्ष असर हो रहा है। हमारी न्याय योजनाएं प्यार की गंगा बहा रही हैं और दिलों को जोड़ रही हैं। किसान, ग्रामीण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, महिला, युवा, बच्चे आदि सभी का जीवन सरल बनाने, इनकी जरूरतों को पूरा करते हुए तरक्की के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए हमने बड़े-बड़े निर्णय लिए हैं। जिसका लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है।