Skip to main content

4thnation

पीएम पर सीएम का हमला, देश में आग लगाने के बाद की दी जा रही स्नेह यात्रा निकालने की सलाह

रायपुर (छत्तीसगढ़))। भाजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी को स्नेह यात्रा निकालने की सलाह दी है। इस यात्रा पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखा हमला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा देश भर में आग लगाकर अब स्नेह यात्रा निकालेगी। ‘जूता से मारो और दुशाला से पोछो’ ये कैसे चलेगा!

बैकुंठपुर में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था, भाजपा की प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने जो बात कही उसके कारण पूरे देश के वातावरण में वैमनस्य आ गई। उस समय हमारे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने बार-बार यह अपील की कि इस समय प्रधानमंत्री जी को गृह मंत्री जी को देश के सामने आकर शांति की अपील करनी चाहिए। ये एक बार भी अपील नहीं किए। पूरे देश में आग लगी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा, तो क्या देश में इस तरह की आग लगाने के बाद ये स्नेह यात्रा निकालेंगे। नूपुर शर्मा के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं हुई। उसी अपराध में एक पत्रकार जुबैद को आप जेल में डाल देते हो और उसी अपराध में नूपुर शर्मा बाहर घूम रही है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इसका मतलब यह है कि आप एक तरफ बढ़ावा दे रहे हैं। ‘जूता से मारो और दुशाला से पोछो’ ये कैसे चलेगा।
हत्यारों और आतंकी से क्या है संबंध बताए भाजपा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, जो उदयपुर की घटना हुई जिसमें एक हिंदू व्यवसायी का गला रेता गया। इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जितनी निंदा की जाए कम है। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अब भाजपा को बताना चाहिए कि वे जो हत्यारे हैं उनका भाजपा से क्या रिश्ता है। उनका कनेक्शन क्या है। अभी जम्मू कश्मीर में उनके आईटी सेल का आदमी आतंकवादी गतिविधियों में पकड़ा गया है। इसके बारे में उनको क्या कहना है।
देश का ध्यान बांटने भाजपा करवा रही इस प्रकार के कृत्य
मुख्यमंत्री ने कहा, क्या ऐसा नहीं लगता कि भाजपा और केंद्र की सरकार लोगों का ध्यान बांटने के लिए इस प्रकार के कृत्य करवा रही हैं। जो मरा वह भी भाजपा का, मारा वह भी भाजपा का और छत्तीसगढ़ में बंद भी भाजपा ही करा रही थी। यह क्या है? बताना चाहिए उनको कि उनके साथ रिश्ता क्या है। एक भी आदमी ने यह नहीं बताया कि वह उनका कार्यकर्ता नहीं था, उनसे संबंधित नहीं था।