TCS Nashik से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने देशभर में कॉर्पोरेट वर्कप्लेस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे ऑफिस की मुख्य बिल्डिंग से अलग एक टेरेस पर अकेले काम करने के लिए मजबूर किया गया।
यह मामला सामने आने के बाद न केवल कंपनी बल्कि पूरे आईटी सेक्टर में हलचल मच गई है।
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महिला कर्मचारी का चौंकाने वाला खुलासा
छह साल से कंपनी में काम कर रही महिला कर्मचारी ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी आपबीती बताई। उसने कहा कि उसे Nashik ऑफिस में ट्रांसफर किया गया और फिर अलग-थलग कर दिया गया।
उसके अनुसार, उसे छत पर अकेले काम करने के लिए कहा गया और जब भी वह नीचे आती थी, उसका मोबाइल और बैग जब्त कर लिया जाता था।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि यह कोई एकल घटना नहीं बल्कि TCS Nashik में एक पैटर्न था, जहां युवा महिलाओं को निशाना बनाया जाता था।
TCS Nashik में शोषण के गंभीर आरोप
पीड़िता ने दावा किया कि 20-25 साल की युवा महिलाओं को “सॉफ्ट टारगेट” बनाया जाता था। उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करने और नियंत्रित करने की कोशिश की जाती थी।
एक अन्य कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने भी आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला जाता था और उन्हें पैसे तक ऑफर किए जाते थे।
यह आरोप TCS Nashik केस को और अधिक संवेदनशील और गंभीर बना देते हैं।
पुलिस जांच और गिरफ्तारियां
नासिक पुलिस ने इस मामले में अब तक 9 शिकायतें दर्ज की हैं, जो फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की हैं।
जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई कर्मचारी और HR मैनेजर भी शामिल हैं।
एक आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है, जबकि अन्य पर छेड़छाड़ और आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप लगे हैं।
HR और मैनेजमेंट पर सवाल
इस केस में सबसे बड़ा सवाल HR और कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर उठ रहा है। आरोप है कि शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और पीड़ितों को धमकाया गया।
HR मैनेजर निदा खान पर आरोप है कि वह महिलाओं को पहले दोस्त बनाकर धीरे-धीरे प्रभावित करती थीं।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला TCS Nashik के सिस्टम फेलियर को दिखाता है।
TCS Nashik पर कंपनी की प्रतिक्रिया
कंपनी Tata Consultancy Services ने बयान जारी कर कहा कि वह किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाती है।
कंपनी ने कहा कि सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच में पूरी तरह सहयोग किया जा रहा है।
Natarajan Chandrasekaran ने इस घटना को “गंभीर और पीड़ादायक” बताया और कहा कि पूरी जांच की जा रही है।
समाज और कार्यस्थल पर असर
इस घटना ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आईटी सेक्टर, जिसे सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह के आरोप चिंताजनक हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि TCS Nashik केस से कंपनियों को अपने HR सिस्टम और सुरक्षा नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए।
TCS Nashik केस से बड़ा सबक
कुल मिलाकर, TCS Nashik का यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कॉर्पोरेट सिस्टम के लिए चेतावनी है।
अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। जरूरी है कि हर कर्मचारी सुरक्षित माहौल में काम कर सके और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
