Bharatmala Compensation Scam: ₹9.27 करोड़ की कथित धोखाधड़ी में ED की बड़ी कार्रवाई

Bharatmala Compensation Scam मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर निवासी जय प्रकाश गांधी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने अपने परिजनों और कुछ सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजे में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी की। ED के अनुसार इस मामले में लगभग ₹9.27 करोड़ की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) हुई है।

📢 व्हाट्सएप पर जुड़ें: Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Bharatmala Compensation Scam क्या है?

यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाले रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कुछ व्यक्तियों और अधिकारियों ने मिलकर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर अधिक मुआवजा प्राप्त करने की साजिश रची।

ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया कि कई मामलों में भूमि रिकॉर्ड बदलकर और भूखंडों का कृत्रिम विभाजन करके मुआवजा राशि बढ़ाई गई।


ED ने किस आरोपी को किया गिरफ्तार?

ED ने 3 जून 2026 को अभनपुर निवासी जय प्रकाश गांधी को PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत, रायपुर में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें ED की हिरासत में भेज दिया।

जांच एजेंसी अब अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और कथित रूप से शामिल सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें: Revenue Cases Disposal को लेकर मुख्यमंत्री साय के बड़े निर्देश, राजस्व मामलों से लेकर किसानों तक पर फोकस


₹9.27 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

Bharatmala Compensation Scam में कैसे हुआ खेल?

ED के अनुसार आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर हाईवे परियोजना के लिए अधिसूचित भूमि खरीदी। इसके बाद भूमि को 500 वर्गमीटर से छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया गया ताकि अधिक दर से मुआवजा प्राप्त किया जा सके।

जांच में सामने आया कि इस प्रक्रिया के जरिए आरोपी परिवार को लगभग ₹9.83 करोड़ का मुआवजा मिला, जबकि वास्तविक पात्रता केवल ₹56.76 लाख की थी। इस तरह लगभग ₹9.27 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त की गई।


कथित मनी लॉन्ड्रिंग का तरीका

ED का दावा है कि अवैध रूप से प्राप्त धन को बाद में शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों में लगाया गया ताकि धन को वैध दिखाया जा सके।

इसी आधार पर एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।

📢 व्हाट्सएप पर जुड़ें: Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


ED की छापेमारी में क्या मिला?

अप्रैल 2026 में ED ने रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरूद सहित कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी ने नकदी, चांदी की ईंटें, डिजिटल डिवाइस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।

ED के प्रेस नोट के अनुसार तलाशी के दौरान लगभग ₹66.9 लाख नकद और 37 किलोग्राम से अधिक चांदी भी बरामद हुई थी।


Bharatmala Compensation Scam में पहले भी हुई कार्रवाई

यह मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है। इससे पहले ACB/EOW और ED कई राजस्व अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार भूमि रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा, बैकडेट एंट्री, भूमि का कृत्रिम विभाजन और दोबारा मुआवजा भुगतान जैसी अनियमितताएं सामने आई हैं।

मार्च 2026 में ED ने इस मामले से जुड़ी लगभग ₹23.35 करोड़ की संपत्तियां भी अटैच की थीं।


आगे क्या होगा?

जांच का दायरा बढ़ सकता है

ED का कहना है कि मामले में अन्य लाभार्थियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी है। यदि जांच में और साक्ष्य मिलते हैं तो आने वाले समय में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला छत्तीसगढ़ में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।


Bharatmala Compensation Scam छत्तीसगढ़ के चर्चित भूमि मुआवजा मामलों में से एक बन गया है। ED का आरोप है कि योजनाबद्ध तरीके से भूमि रिकॉर्ड में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त मुआवजा प्राप्त किया गया और बाद में उस धन को विभिन्न निवेश माध्यमों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। जय प्रकाश गांधी की गिरफ्तारी के बाद अब जांच और तेज होने की संभावना है तथा इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *