Chhattisgarh Liquor Scam: ED ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां की अटैच

रायपुर/नई दिल्ली। Chhattisgarh Liquor Scam मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1000 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य वाली संपत्तियों को अटैच किया है। एजेंसी ने कहा है कि यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है और कथित शराब सिंडिकेट के खिलाफ जांच को और तेज किया गया है।

ED की इस कार्रवाई को Chhattisgarh Liquor Scam जांच में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और अवैध लाभ कमाने के आरोप सामने आए हैं।

Chhattisgarh Liquor Scam में ED की बड़ी कार्रवाई

ED के अनुसार रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 मई को तीन अलग-अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी किए। इन आदेशों के तहत लगभग 200 करोड़ रुपये के दस्तावेजी मूल्य और 1000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित बाजार मूल्य वाली संपत्तियों को अटैच किया गया।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर की गई है।

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Chhattisgarh Liquor Scam में किन संपत्तियों पर कार्रवाई हुई?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में गोवा स्थित एक होटल, भूमि, निवेश और अन्य चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। ED का आरोप है कि इन संपत्तियों का संबंध कथित अवैध आय से है।

एजेंसी ने कहा कि संपत्तियों की पहचान जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर की गई है।

ED ने क्या दावा किया?

ED का आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच एक कथित शराब सिंडिकेट ने राज्य की आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया से 2883 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अपराध आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न हुई।

हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा और मामले की सुनवाई अभी जारी है।

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PMLA के तहत कार्रवाई

Chhattisgarh Liquor Scam जांच में बढ़ी कानूनी कार्रवाई

ED ने यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के प्रावधानों के तहत की है। एजेंसी के मुताबिक तीनों प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर संबंधित संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत इन आदेशों की आगे पुष्टि सक्षम प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।

Chhattisgarh Liquor Scam में बढ़ी आरोपियों की संख्या

ED ने मामले में एक नई पूरक अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) भी दायर की है। रिपोर्टों के अनुसार चार और आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिससे इस मामले में आरोपियों की कुल संख्या 85 तक पहुंच गई है।

जांच एजेंसी का कहना है कि वित्तीय लेन-देन, संपत्ति निवेश और कथित लाभार्थियों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है।

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Chhattisgarh Liquor Scam का राजनीतिक और प्रशासनिक असर

इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में लंबे समय से चर्चा पैदा की हुई है। ED की ताजा कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।

हालांकि विभिन्न पक्षों द्वारा समय-समय पर आरोपों का खंडन भी किया गया है और कई मामलों में कानूनी लड़ाई जारी है। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार अब अटैच की गई संपत्तियों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और अदालत में सुनवाई इस मामले के अगले महत्वपूर्ण चरण होंगे।

यदि ED के दावों को कानूनी मान्यता मिलती है तो यह कार्रवाई देश के बड़े आर्थिक अपराध मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।

Chhattisgarh Liquor Scam में ED द्वारा 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच किया जाना जांच का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। एजेंसी ने कथित सिंडिकेट, अवैध आय और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल Chhattisgarh Liquor Scam छत्तीसगढ़ की सबसे चर्चित जांचों में से एक बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

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