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महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित, विरोध में मात्र 2 वोट पड़े, शाह ने कहा चुनाव बाद होगी जनगणना और डिलिमिटेशन

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन बुधवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पास हो गया। पर्ची से हुई वोटिंग में बिल के समर्थन में 454 और विरोध में 2 वोट डले। अब कल (गुरुवार को) यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। वहां से पास होने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।

बिल पर चर्चा में 60 सांसदों ने अपने विचार रखे। राहुल गांधी ने कहा- ओबीसी आरक्षण के बिना यह बिल अधूरा है, जबकि अमित शाह ने कहा- यह आरक्षण सामान्य, एससी और एसटी में समान रूप से लागू होगा। चुनाव के बाद तुरंत ही जनगणना और डिलिमिटेशन होगा और महिलाएं की भागीदारी जल्द ही सदन में बढ़ेगी। विरोध करने से रिजर्वेशन जल्दी नहीं आएगा।

राहुल गांधी ने कहा- देश को चलाने वाले 90 में से सिर्फ 3 सेक्रेटरी ही OBC हैं, इसके जवाब में शाह ने राहुल नाम लिए बिना कहा कि देश को सरकार चलाती है, सचिव नहीं। कोई एनजीओ चिट बनाकर दे देता है तो बोल देते हैं।

कुल भाजपा सांसदों में 85 ओबीसी से हैं। कुल भाजपा विधायकों में 27% ओबीसी से हैं। कुल भाजपा MLC में 40% एमएलसी हैं। कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि मैं राजनीति में आने से पहले आईएएस था। 1992 बैच का अफसर सेक्रेटरी बनेगा। उस समय किसकी सरकार थी। ये (राहुल गांधी) अपनी ही सरकार को कोस रहे हैं।

पर डिबेट का जवाब देने अमित शाह आए। उन्होंने कहा- संविधान के संशोधित करने वाले 128वें संशोधन पर बात करने के लिए मैं यहां खड़ा हूं। ये कहते ही विपक्ष का हंगामा शुरू कर दिया। इस पर शाह मुस्कुराते हुए राहुल गांधी की तरह बोले- डरो मत।