हैदराबाद। तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल हादसे के सातवें दिन पांच से छह शव बरामद किए गए हैं। शुक्रवार देर रात बचाव दल ने टनल में फंसे शवों को मलबे और गाद से बाहर निकालने का कार्य शुरू किया।
टनल में फंसे थे आठ मजदूर
22 फरवरी को टनल का एक हिस्सा ढहने से आठ मजदूर फंस गए थे। इस दौरान 12 अलग-अलग विभागों के 600 से अधिक कर्मचारी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। लेकिन टनल में भारी मात्रा में स्टील और लोहे का मलबा हटाना बड़ी चुनौती बना हुआ था।

ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार से हुआ शवों का पता
बचाव कार्य के तहत नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) की टीम ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) तकनीक का उपयोग किया। इस तकनीक के जरिए टनल के भीतर संभावित शवों की पांच लोकेशन चिन्हित की गईं, जिसके बाद बचाव दल ने उन स्थानों से मलबा हटाकर शवों को बाहर निकाला।
इमरजेंसी अलर्ट जारी, अस्पतालों में सतर्कता
शवों को बाहर निकालने के लिए एम्बुलेंस मौके पर पहुंच चुकी हैं। वहीं, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन स्थिति लागू कर दी गई है।
अधिकारियों की चुप्पी, शनिवार को आधिकारिक बयान संभव
घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी फिलहाल जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। हालांकि, शनिवार सुबह तक इस बचाव अभियान पर एक आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है।
पर्यटन मंत्री बोले— अब सिर्फ चमत्कार ही बचा सकता है
तेलंगाना के पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अब केवल कोई चमत्कार ही फंसे हुए लोगों को बचा सकता है।
