06 नवंबर 2026 | बिलासपुर, छत्तीसगढ़
Bhupesh Baghel Election Petition: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका में एक बार फिर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई है। गुरुवार, 5 नवंबर को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में दुर्ग लोकसभा सांसद और याचिकाकर्ता विजय बघेल ने अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद भूपेश बघेल की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने उनसे करीब एक घंटे तक प्रतिपरीक्षण किया। हालांकि, सवाल-जवाब की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी।
इस सुनवाई के दौरान एक सीलबंद मोबाइल फोन भी चर्चा का विषय रहा। चुनाव याचिका में साक्ष्य के रूप में जमा इस मोबाइल को अदालत की अनुमति से चार्ज कराया गया। करीब 75 मिनट तक चार्जिंग के बाद भी इसकी बैटरी केवल 13 प्रतिशत तक पहुंच सकी।
Bhupesh Baghel Election Petition पर हाई कोर्ट में सुनवाई
5 नवंबर 2026 को जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता विजय बघेल ने चुनाव याचिका में लगाए गए आरोपों और उनसे जुड़े तथ्यों पर अपना बयान दर्ज कराया।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने विजय बघेल से सवाल-जवाब किए। लगभग एक घंटे तक चले प्रतिपरीक्षण में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ हुई, लेकिन समय के अभाव में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
अदालत ने शेष प्रतिपरीक्षण अगली सुनवाई में जारी रखने का निर्देश दिया है। फिलहाल मामले में किसी पक्ष के आरोपों को अदालत ने अंतिम रूप से सही या गलत घोषित नहीं किया है।
सीलबंद मोबाइल बना चुनाव याचिका का अहम साक्ष्य
सुनवाई के दौरान चुनाव याचिका के साथ जमा कराए गए सीलबंद मोबाइल फोन को लेकर भी अदालत में आवेदन पेश किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि मोबाइल लंबे समय से बंद होने के कारण उसकी बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है।
इसलिए मोबाइल को चार्ज कराने की अनुमति मांगी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर उसमें मौजूद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें। अदालत में सभी पक्षों की मौजूदगी में इस प्रक्रिया को पूरा करने की अनुमति दी गई।
मोबाइल को सीलबंद लिफाफे से निकालकर तकनीकी कर्मचारी की निगरानी में चार्जिंग पर लगाया गया।
1 घंटे 15 मिनट में केवल 13 प्रतिशत चार्ज हुआ फोन
अदालत की अनुमति के बाद दोपहर 3:15 बजे मोबाइल को चार्जिंग पर लगाया गया। यह प्रक्रिया शाम 4:30 बजे तक चली। यानी करीब एक घंटा 15 मिनट की चार्जिंग के बाद भी मोबाइल की बैटरी केवल 13 प्रतिशत तक पहुंच सकी।
इसके बाद मोबाइल को बंद कर दोबारा सीलबंद कर दिया गया। सीलबंद लिफाफे पर याचिकाकर्ता विजय बघेल, उनके अधिवक्ता और भूपेश बघेल के अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर किए।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य साक्ष्य की सुरक्षा और उसकी प्रामाणिकता बनाए रखना था। मोबाइल में मौजूद सामग्री की जांच और उसकी साक्ष्य संबंधी उपयोगिता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
क्या है Bhupesh Baghel Election Petition का पूरा विवाद?
दरअसल, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने वर्ष 2024 में पाटन विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। यह याचिका 2023 के विधानसभा चुनाव से संबंधित है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान से पहले प्रचार बंद होने की निर्धारित अवधि के दौरान भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन विधानसभा क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था।
विजय बघेल का दावा है कि इस दौरान चुनावी नारे लगाए गए और मतदाताओं से वोट मांगे गए। याचिकाकर्ता ने इन कथित गतिविधियों को चुनावी नियमों का उल्लंघन बताते हुए भूपेश बघेल का निर्वाचन निरस्त करने की मांग की है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का मामला
विजय बघेल ने अपनी चुनाव याचिका में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का हवाला दिया है। इस धारा के तहत मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय से पहले के 48 घंटों के दौरान संबंधित मतदान क्षेत्र में चुनाव से जुड़ी सार्वजनिक सभाओं और कुछ अन्य चुनाव प्रचार गतिविधियों पर प्रतिबंध का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि कथित रैली और रोड शो के जरिए इस प्रावधान का उल्लंघन किया गया। इस संबंध में एक वीडियो भी अदालत में साक्ष्य के तौर पर पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी सत्यता और कानूनी प्रभाव का निर्धारण अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर ही होगा।
अब 17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
Bhupesh Baghel Election Petition में हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। इस दिन विजय बघेल का प्रतिपरीक्षण आगे जारी रहने की संभावना है।
आने वाली सुनवाई में याचिका से जुड़े तथ्यों, आरोपों और पेश किए गए साक्ष्यों पर आगे सवाल-जवाब हो सकते हैं। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
फिलहाल हाई कोर्ट ने भूपेश बघेल के निर्वाचन को निरस्त करने या याचिका के आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।
Bhupesh Baghel Election Petition पर टिकी नजरें
पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी Bhupesh Baghel Election Petition अब साक्ष्य और गवाही के महत्वपूर्ण चरण में है। विजय बघेल का बयान, भूपेश बघेल के अधिवक्ताओं का प्रतिपरीक्षण और सीलबंद मोबाइल को चार्ज कराने की प्रक्रिया इस सुनवाई के प्रमुख घटनाक्रम रहे। अब 17 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर रहेगी। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय अदालत के साक्ष्यों और कानूनी परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
