06 नवंबर 2026 | छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। Bijapur Maoist Explosives की तलाश में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया विस्फोटकों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई में कुल 955 डेटोनेटर सहित कई महत्वपूर्ण उपकरण जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुजारीकांकेर गांव के पास जंगल में की गई। खुफिया जानकारी के आधार पर जिला बल और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री का इस्तेमाल भविष्य में हमलों या इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने के लिए किया जा सकता था।
बीजापुर में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुरक्षा बलों ने पुजारीकांकेर गांव के आसपास पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह क्षेत्र गांव के दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है।
इस अभियान की शुरुआत कोबरा बटालियन की इंटेलिजेंस विंग से मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। इसके बाद जिला बल और कोबरा बटालियन के जवानों की संयुक्त टीम ने संदिग्ध इलाके में तलाशी अभियान चलाया।
बीजापुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि सावधानीपूर्वक तलाशी के दौरान जमीन के अंदर छिपाकर रखा गया संदिग्ध सामान मिला।
Bijapur Maoist Explosives का भूमिगत जखीरा बरामद
सुरक्षा बलों को जंगल में जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया विस्फोटकों का जखीरा मिला। शुरुआती जांच में यह सामग्री माओवादी गतिविधियों से जुड़ी पाई गई है।
बरामद विस्फोटकों में इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक दोनों प्रकार के डेटोनेटर शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इनका इस्तेमाल विस्फोटक उपकरण तैयार करने में किया जा सकता है।
बरामदगी का सबसे अहम आंकड़ा: कुल 955 डेटोनेटर।
यह बरामदगी क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क की गतिविधियों और उनकी संभावित तैयारियों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
455 इलेक्ट्रिक और 500 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर मिले
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में डेटोनेटर जब्त किए। इनकी संख्या इस प्रकार है:
- 455 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर
- 500 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर
इस तरह कुल 955 डेटोनेटर बरामद हुए हैं। इसके अलावा मौके से नक्सल गतिविधियों से संबंधित साहित्य भी मिला है।
जांच एजेंसियां अब बरामद सामग्री के स्रोत, इसके संभावित इस्तेमाल और इससे जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर सबसे पहले पढ़ने के लिए 4thNation के WhatsApp चैनल से जुड़ें।
WhatsApp Channel: 4thNation News से जुड़ें
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी हुई बरामदगी
डेटोनेटर के अलावा सुरक्षा बलों को कई इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी उपकरण भी मिले हैं। इनमें दो मल्टीमीटर, दो रेडियो सेट बैटरी चार्जर क्रैडल और दो कॉपर प्रोटोटाइपिंग बोर्ड (PCB) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त एक मल्टी-USB पोर्ट कार्ड रीडर, एक मोबाइल चार्जर, एक लैपटॉप एडाप्टर और 12 वोल्ट का FM/AM रिट्रैक्टेबल पावर एंटीना भी जब्त किया गया है।
मौके से एक टेलीस्कोपिक एंटीना, एक Type-B डेटा केबल, लगभग आठ मीटर बिजली का तार, एक रिले कंट्रोल सर्किट बोर्ड और एक स्नैप हुक भी बरामद हुआ है।
इन उपकरणों की मौजूदगी को देखते हुए अधिकारी संभावित संचार और इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगरिंग सिस्टम से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।
भविष्य के हमलों की तैयारी की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, बरामद विस्फोटक सामग्री को भविष्य में हमलों के लिए इस्तेमाल करने या इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) तैयार करने के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया हो सकता है।
हालांकि, इसका वास्तविक इस्तेमाल किस घटना या योजना के लिए किया जाना था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डेटोनेटर की एक साथ बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का महत्वपूर्ण विषय है।
सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी
कार्रवाई के बाद सभी विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नक्सल साहित्य को उसूर थाने में विधिवत जब्त किया गया है। मामले में आगे की जांच और संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी हैं।
Bijapur Maoist Explosives की बरामदगी बड़ी सफलता
बीजापुर के जंगल में 955 डेटोनेटर और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। Bijapur Maoist Explosives का यह भूमिगत जखीरा मिलने से संभावित माओवादी योजनाओं की जांच को नई दिशा मिली है। अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर बरामद सामग्री के स्रोत और इससे जुड़े नेटवर्क पर है। आने वाले दिनों में जांच से इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
