Viksit Chhattisgarh 2047 के तहत छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत, समावेशी और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने का दीर्घकालिक रोडमैप सामने रखा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 सितंबर 2026 को ETGovernment के ‘Seva Sankalp’ संवाद में राज्य के 2047 विजन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बात की।
मुख्यमंत्री के अनुसार विकास का मतलब केवल औद्योगिक उत्पादन या निवेश बढ़ाना नहीं है। उनका विजन ऐसा छत्तीसगढ़ बनाने का है, जहां बस्तर से सरगुजा तक सभी क्षेत्रों और समाज के अलग-अलग वर्गों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचा और आर्थिक अवसर पहुंचें।
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Viksit Chhattisgarh 2047 में खनन से आगे बढ़ेगी अर्थव्यवस्था
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनन, स्टील और बिजली की बड़ी भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये क्षेत्र आगे भी महत्वपूर्ण रहेंगे, लेकिन राज्य अब केवल प्राकृतिक संसाधनों के निष्कर्षण तक सीमित नहीं रहना चाहता।
नई Industrial Policy 2024-30 के तहत फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की बात कही गई है।
लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों का राज्य के भीतर अधिक से अधिक value addition करना है, ताकि उत्पादन के साथ स्थानीय रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ें।
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₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री के अनुसार Industrial Policy 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश प्रस्ताव मिलना केवल शुरुआत है; वास्तविक सफलता इन प्रस्तावों को परियोजनाओं, उत्पादन और रोजगार में बदलने से मापी जाएगी।
इसके लिए सरकार ने One Click Single Window System को मजबूत करने और Ease of Doing Business Act, 2026 के माध्यम से जोखिम-आधारित नियमन, self-certification और अनावश्यक निरीक्षणों को कम करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।
Bastar से Surguja तक विकास
Viksit Chhattisgarh 2047 के विजन में क्षेत्रीय संतुलन को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं होना चाहिए।
बस्तर को विशेष रूप से विकास की नई संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया गया है। सड़क, रेल, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी और सरकारी सेवाओं को दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर है। Niyad Nellanar और Bastar Munne जैसी पहलों को भी इसी दिशा से जोड़ा गया है।
सरकार के अनुसार बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति, जैव विविधता और हस्तशिल्प को आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा सकता है।
पर्यटन और वन उत्पाद पर फोकस
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को भी भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की योजना है। चित्रकोट, बस्तर और सरगुजा के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों को पर्यटन से जोड़ने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार पर्यटन बढ़ने से होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय खाद्य व्यवसाय, गाइड, कारीगर और स्थानीय उत्पाद बेचने वाले लोगों को आर्थिक अवसर मिल सकते हैं। लक्ष्य स्थानीय समुदायों को पर्यटन अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाना है।
इसी तरह minor forest produce को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय processing, branding, packaging और बेहतर market access के जरिए अधिक मूल्य पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर
Viksit Chhattisgarh 2047 में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने को भी महत्वपूर्ण माना गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 68 लाख महिलाएं Mahtari Vandan Yojana के तहत ₹1,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्राप्त कर रही हैं और राज्य में करीब 13.85 लाख महिलाएं Lakhpati Didis बन चुकी हैं।
सरकार का अगला फोकस महिलाओं को केवल सहायता प्राप्त करने वाले समूहों तक सीमित रखने के बजाय उद्यमी, उत्पादक और रोजगार देने वाले व्यवसायों से जोड़ना है।
युवाओं के लिए AI, डेटा, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, advanced manufacturing और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। उद्देश्य युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है।
डिजिटल गवर्नेंस और नई टेक्नोलॉजी
डिजिटल गवर्नेंस भी इस विजन का प्रमुख हिस्सा है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में e-Office प्रणाली लागू की गई है और विभिन्न विभागों में IT आधारित व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सरकारी खरीद में GeM और योजनाओं की निगरानी के लिए Atal Monitoring Portal का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि तकनीक का उद्देश्य केवल डिजिटल सिस्टम बनाना नहीं, बल्कि योजनाओं के लाभ की डिलीवरी और निगरानी को बेहतर करना है।
2047 तक क्या है लक्ष्य?
Viksit Chhattisgarh 2047 का रोडमैप चरणबद्ध विकास पर आधारित बताया गया है। निकट अवधि में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने, रोजगार बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार पर जोर है।
मध्यम अवधि में मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी, पर्यटन, रिन्यूएबल एनर्जी और सर्विस सेक्टर को मजबूत करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने 2047 तक ऐसे छत्तीसगढ़ की परिकल्पना रखी है, जहां मजबूत कृषि, प्रतिस्पर्धी उद्योग और नई तकनीक के साथ प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने का संरक्षण भी हो।
Viksit Chhattisgarh 2047 का रोडमैप राज्य की अर्थव्यवस्था को पारंपरिक खनन और भारी उद्योगों से आगे ले जाकर टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, ग्रीन एनर्जी और उद्यमिता से जोड़ने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस विजन की असली कसौटी यह होगी कि विकास का लाभ बस्तर से सरगुजा और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों तक अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और युवाओं, महिलाओं, किसानों तथा आदिवासी समुदायों के लिए राज्य के भीतर टिकाऊ अवसर तैयार हों।
