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Chhattisgarh Sand Mining Rules 2025 में बड़ा बदलाव

Chhattisgarh Sand Mining व्यवस्था में पारदर्शिता और बेहतर नियंत्रण के लिए राज्य में Chhattisgarh Minor Mineral Ordinary Sand (Excavation and Business) Rules, 2025 लागू किए गए हैं। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य साधारण रेत के उत्खनन, परिवहन और व्यापार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

नए ढांचे में रेत खदानों के पट्टे आवंटित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिवर्स ऑक्शन व्यवस्था शुरू की गई है। इससे पारंपरिक आवंटन प्रक्रिया की जगह प्रतिस्पर्धी और डिजिटल प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य में जिला स्तर पर रेत खदानों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया लागू की जा रही है। इससे खदान आवंटन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और अधिक निगरानी योग्य बनाने का प्रयास किया गया है।

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Chhattisgarh Sand Mining में ई-ऑक्शन व्यवस्था

नए नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव रेत खदानों के पट्टे के आवंटन से जुड़ा है। अब इसके लिए ई-ऑक्शन आधारित रिवर्स ऑक्शन व्यवस्था अपनाई जा रही है।

नियमों में बैंक गारंटी के विकल्प के तौर पर Fixed Deposit Receipt यानी FDR को भी स्वीकार करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ कुछ अनुपालनों के लिए पहले निर्धारित 60 दिनों की समयसीमा को बढ़ाकर एक वर्ष तक किया गया है।

इस बदलाव से पट्टाधारकों को निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए अधिक समय मिलेगा, जबकि डिजिटल प्रक्रिया से प्रशासनिक निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।

Chhattisgarh Sand Mining पर नियमों में कड़ा नियंत्रण

नए प्रावधानों में गैर-संचालित पट्टों के लैप्स होने, सरकारी उपक्रमों के लिए रेत खदानों के आरक्षण और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

उल्लंघन की स्थिति में कलेक्टर को प्रदर्शन सुरक्षा राशि जब्त करने का अधिकार दिया गया है। निर्धारित अनुपालन नहीं होने पर शो-कॉज नोटिस और पट्टा निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

इन प्रावधानों का उद्देश्य रेत संसाधनों के बेहतर उपयोग, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूत करना है।

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e-Ret Sangwari से PM आवास को मिलेगा लाभ

रेत की उपलब्धता को ग्रामीण आवास से जोड़ने के लिए e-Ret Sangwari Portal की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से रॉयल्टी-मुक्त रेत उपलब्ध कराना है।

इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण के लिए रेत की आपूर्ति आसान बनाने और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस तरह खनिज संसाधन प्रबंधन को सीधे ग्रामीण आवास कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

Khanij Online 2.0 से डिजिटल होगी माइनिंग व्यवस्था

राज्य की खनिज प्रशासन व्यवस्था में Khanij Online 2.0 को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। आधिकारिक पोर्टल पर लाइसेंस आवेदन, e-Permit, e-Transit Pass, वाहन पंजीकरण, भुगतान, शिकायत और अन्य खनन संबंधी मॉड्यूल उपलब्ध हैं।

Khanij Online 2.0 के जरिए खनिज रियायत प्रबंधन, परमिट जारी करने, QR कोड आधारित e-Transit Pass, डिस्पैच ट्रैकिंग, अनुपालन रिपोर्टिंग और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप देने का लक्ष्य है।

पोर्टल के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, सिस्टम में जियो-टैगिंग, जियो-फेंसिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग, वाहन जानकारी, चेकपोस्ट और वेटब्रिज इंटीग्रेशन जैसे मॉड्यूल भी शामिल हैं।

DMF फंड की निगरानी भी होगी डिजिटल

Khanij Online 2.0 के साथ जिला खनिज संस्थान न्यास यानी DMF से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।

दिए गए ढांचे के अनुसार, खनन क्षेत्रों के आसपास 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को सीधे प्रभावित और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

पोर्टल में स्टेकहोल्डर आधारित डैशबोर्ड, MIS रिपोर्ट, डिजिटल हस्ताक्षर, बजट के आधार पर फंड रिलीज की सीमा, कार्य प्रगति दस्तावेज और जियो-टैग फोटो के माध्यम से मोबाइल मॉनिटरिंग जैसे प्रावधान शामिल हैं।

65 खनिज ब्लॉकों की नीलामी, बड़े राजस्व की उम्मीद

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के Directorate of Geology and Mining ने अब तक 65 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की है। इनमें 49 bulk mineral blocks, 13 critical and strategic mineral blocks और 3 deep-seated mineral blocks शामिल हैं।

इन खनिज ब्लॉकों से खनन अवधि के दौरान लगभग 4.35 लाख करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना बताई गई है। यह आंकड़ा राज्य के खनिज क्षेत्र की दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।

National Portal of India के अनुसार, छत्तीसगढ़ का Directorate of Geology and Mining खनिज संसाधनों के अन्वेषण, विकास और संबंधित नियमों एवं नीतियों से जुड़ा प्रमुख विभाग है।

TIN Portal से आदिवासी समुदाय को सीधा लाभ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने TIN यानी Tribal Incentives on Natural Resources Portal भी लॉन्च किया है। यह पोर्टल बस्तर क्षेत्र में आदिवासी समुदायों द्वारा एकत्र किए जाने वाले टिन अयस्क की खरीद और बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

छत्तीसगढ़ Mineral Development Corporation यानी CMDC और Indian Overseas Bank के सहयोग से विकसित इस व्यवस्था में लाभार्थी पंजीकरण से लेकर अयस्क संग्रह, खरीद, परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल करने का लक्ष्य है।

पोर्टल में QR आधारित सत्यापन, डिजिटल पहचान, ऑनलाइन स्टॉक ट्रैकिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और SMS अलर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बिक्री से प्राप्त राशि को Direct Benefit Transfer यानी DBT के जरिए लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

CMDC छत्तीसगढ़ सरकार का उपक्रम है और राज्य में खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण, व्यावसायिक दोहन तथा व्यापार से जुड़ी गतिविधियों में कार्य करता है।

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नए नियमों का व्यापक असर

राज्य ने Chhattisgarh Minor Mineral Rules, 2015 का संशोधित संस्करण भी जारी किया है, जिसे 6 अगस्त 2026 तक अपडेट किया गया है। संशोधित ढांचे में छोटे खनिजों के नियमन के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया है।

कुल मिलाकर, Chhattisgarh Sand Mining में नए नियम, ई-रिवर्स ऑक्शन और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलकर खनिज प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इन सुधारों से रेत के अवैध उत्खनन और व्यापार पर नियंत्रण, राजस्व निगरानी, परिवहन की ट्रैकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए खनिज संसाधनों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Chhattisgarh Sand Mining में 2025 के नए नियमों ने रेत खनन व्यवस्था को डिजिटल और अधिक नियंत्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ई-रिवर्स ऑक्शन, FDR की सुविधा, कड़े अनुपालन प्रावधान, e-Ret Sangwari और Khanij Online 2.0 जैसे कदम पारदर्शिता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। साथ ही TIN Portal और खनिज ब्लॉकों की नीलामी राज्य में खनिज संसाधनों के आर्थिक और सामाजिक उपयोग को नई दिशा देने की कोशिश को दर्शाते हैं।

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