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कर्रेगुट्टालु हिल्स में पहली बार तिरंगा

Karreguttalu Hills में स्वतंत्रता के बाद पहली बार भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का यह इलाका लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था। अब यहां तिरंगा लहराने को क्षेत्र में बदले हालात और सुरक्षा की नई तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

कभी नक्सल प्रभाव का प्रतीक रहे कर्रेगुट्टालु हिल्स में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद परिस्थितियों में बदलाव आया है। इस घटनाक्रम को बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया जा रहा है।

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Karreguttalu Hills का बदला इतिहास

Karreguttalu Hills को स्थानीय रूप से ‘ब्लैक हिल्स’ यानी काली पहाड़ियों के नाम से जाना जाता है। लंबे समय तक यह क्षेत्र नक्सली गतिविधियों के प्रभाव वाला इलाका रहा, जहां सुरक्षा बलों के लिए अभियान चलाना बड़ी चुनौती माना जाता था।

2025 में यहां ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के तहत बड़ा एंटी-नक्सल अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में माओवादी प्रभाव को खत्म करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था।

अब इसी इलाके में तिरंगा फहराया जाना इस बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी सामने आया है कि कभी दुर्गम और संवेदनशील माने जाने वाले क्षेत्रों में प्रशासन और सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ी है।

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ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट से बदली तस्वीर

2025 में कर्रेगुट्टालु हिल्स में सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मई 2025 में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया था कि 21 दिनों तक चले अभियान में 31 नक्सली मारे गए

इस अभियान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों की मौजूदगी और अभियान को आगे बढ़ाया गया। लंबे समय से नक्सल प्रभाव झेल रहे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ विकास गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।

विजय शर्मा ने बताया ऐतिहासिक क्षण

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कर्रेगुट्टालु हिल्स में तिरंगा फहराए जाने को बेहद महत्वपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब डर का माहौल नहीं रहा है।

शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समझने वाला हर व्यक्ति इस घटना के महत्व को महसूस कर सकता है। उनके अनुसार, कर्रेगुट्टालु हिल्स में तिरंगे का पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में तेजी से विकास की उम्मीद बढ़ी है।

उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में CRPF और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा बलों ने काफी काम किया है और कई जवानों ने छत्तीसगढ़ में देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।

केदार कश्यप ने जवानों के साहस को किया सलाम

छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार कश्यप ने भी बस्तर के दूरस्थ इलाकों में तिरंगा लहराए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और बलिदान को सलाम किया।

कश्यप के अनुसार, इस क्षेत्र में तीन दिन तक तिरंगा यात्रा चली। उन्होंने कहा कि ऐसे दूरस्थ इलाके में तिरंगे का ऊंचा लहराना बेहद संतोष की बात है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी छत्तीसगढ़ और देश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया।

Karreguttalu Hills में तिरंगा, विकास की नई उम्मीद

कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने इसे सरकार की उस सोच का प्रमाण बताया, जिसमें बस्तर में विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने पर जोर है।

कर्रेगुट्टालु हिल्स में तिरंगा फहराए जाने का महत्व केवल एक प्रतीकात्मक घटना तक सीमित नहीं है। ऐसे इलाकों में सुरक्षा बेहतर होने से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी अनुकूल माहौल बन सकता है।

सुरक्षा बलों के बलिदान को किया याद

इस बदलाव के पीछे सुरक्षा बलों के लंबे अभियान और बलिदान की बड़ी भूमिका रही है। CRPF और राज्य के सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाए हैं।

कई जवानों ने अभियानों के दौरान अपने प्राण गंवाए। इसलिए कर्रेगुट्टालु हिल्स में तिरंगा फहराया जाना सुरक्षा बलों की मेहनत और बलिदान की याद दिलाने वाला अवसर भी माना जा रहा है।

2025 के बड़े ऑपरेशन की याद

Karreguttalu Hills वर्ष 2025 में बड़े एंटी-नक्सल अभियानों में से एक का केंद्र रहा था। 21 दिनों तक चले अभियान में 31 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी थी।

उस अभियान के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों की रणनीतिक मौजूदगी और मजबूत हुई। अब तिरंगा फहराए जाने से इस इलाके में बदली परिस्थितियों को सार्वजनिक रूप से सामने लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिला है।

Karreguttalu Hills में स्वतंत्रता के बाद पहली बार तिरंगा फहराया जाना बस्तर के बदलते हालात का महत्वपूर्ण प्रतीक है। कभी नक्सल प्रभाव के लिए पहचाने जाने वाले इस इलाके में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद अब राष्ट्रीय ध्वज का लहराना नई उम्मीद का संदेश देता है। जवानों के साहस और बलिदान के साथ विकास और लोकतंत्र को आगे बढ़ाने की कोशिशें बस्तर के भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं।

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