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Kathua CISF Firing में चार जवानों की मौत

Kathua CISF Firing की घटना ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 की शाम बसोहली क्षेत्र के माश्का गांव स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट में CISF यूनिट के भीतर गोलीबारी हुई, जिसमें असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार जवानों की मौत हो गई। घटना करीब शाम 6:40 बजे की बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, CISF कर्मियों के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद एक हेड कांस्टेबल ने अपने सहकर्मियों पर गोली चला दी। अधिकारियों के अनुसार घटना के वास्तविक कारण और पूरे घटनाक्रम की जांच अभी जारी है।

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Kathua CISF Firing: मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट भी

गोलीबारी में जान गंवाने वाले चार CISF कर्मियों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है।

गोली लगने के बाद सभी घायल जवानों को इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश स्थित NHPC अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सुरक्षित किया और जांच शुरू कर दी।

यह घटना जिस स्थान पर हुई, वह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में स्थित सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट है। यह इलाका भौगोलिक रूप से दुर्गम है और परियोजना स्थल तक पहुंच हिमाचल प्रदेश की ओर से भी जुड़ी हुई है।

Kathua CISF Firing में AK-47 का इस्तेमाल

अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी के लिए कथित तौर पर जारी की गई AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया। संदिग्ध आरोपी की पहचान CISF हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह के रूप में बताई गई है।

CISF के अनुसार, उसके पास करीब 150 राउंड गोला-बारूद था। घटना के बाद सर्विस हथियार को कब्जे में ले लिया गया। हालांकि, गोलीबारी के पीछे का सटीक कारण अभी आधिकारिक जांच का विषय है।

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Kathua CISF Firing के बाद आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल को हिरासत में ले लिया और उसे पुलिस को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है।

CISF की ओर से भी घटना की परिस्थितियों की आंतरिक जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और गोलीबारी से पहले हुई बहस तथा उसके बाद के घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि गोलीबारी से पहले कर्मियों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन विवाद की प्रकृति और फायरिंग की वजह के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

Sewa Power Project पर सुरक्षा व्यवस्था

सेवा-II पावर स्टेशन माश्का क्षेत्र में स्थित एक जलविद्युत परियोजना है। यहां CISF कर्मियों की तैनाती परियोजना की सुरक्षा के लिए की गई है। आधिकारिक CISF वेबसाइट के अनुसार, बल देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक और रणनीतिक संस्थाओं की सुरक्षा करता है।

गोलीबारी की घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने क्षेत्र को सुरक्षित किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवाद किस बात को लेकर हुआ और सर्विस हथियार तक पहुंच के बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।

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जांच से सामने आएगा पूरा सच

इस मामले में अभी जांच शुरुआती चरण में है। इसलिए गोलीबारी के पीछे किसी निश्चित कारण या मकसद के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

पुलिस और CISF की जांच में घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित कर्मियों के बीच हुए विवाद की परिस्थितियों को शामिल किया जा सकता है। आगे की आधिकारिक जानकारी के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

Kathua CISF Firing में असिस्टेंट कमांडेंट समेत चार CISF कर्मियों की मौत हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना से पहले कर्मियों के बीच बहस हुई थी और इसके बाद हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर फायरिंग की। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है और CISF तथा पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। गोलीबारी के वास्तविक कारण और घटनाक्रम पर अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

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