Chhattisgarh Unorganised Workers Scheme के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को बढ़ाने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान दोगुना करने के साथ ही गिग वर्कर्स, चरवाहों और मेधावी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार करने पर सहमति बनी। सरकार का उद्देश्य असंगठित श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सुरक्षित बनाना है.
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Chhattisgarh Unorganised Workers Scheme में क्या बदला?
बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार Chhattisgarh Unorganised Workers Scheme के दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा। सरकार अब केवल पारंपरिक असंगठित श्रमिकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बदलते रोजगार स्वरूप को देखते हुए डिलीवरी पार्टनर और अन्य गिग वर्कर्स को भी योजनाओं का लाभ देने की तैयारी कर रही है।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें भविष्य में आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
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ई-रिक्शा सहायता योजना में बड़ा बदलाव
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय ई-रिक्शा सहायता योजना को लेकर लिया गया।
पहले इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता था। अब इसे बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी। ई-रिक्शा खरीदने के लिए आर्थिक सहायता मिलने से उनकी आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
Chhattisgarh Unorganised Workers Scheme के तहत नई योजनाएं
बैठक में कई नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
इनमें प्रमुख रूप से—
- गिग वर्कर्स (डिलीवरी कर्मकारों) के लिए विशेष कल्याणकारी योजना।
- चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अलग योजना।
- असंगठित श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए प्रोत्साहन योजना।
- श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा देने के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर विचार।
इन योजनाओं का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के विभिन्न वर्गों को उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराना है।
e-KYC और आधार आधारित पंजीयन होगा अनिवार्य
बैठक में पारदर्शिता और योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया।
श्रम मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का 100 प्रतिशत e-KYC और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पहुंचेगा और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी।
इसके साथ ही योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पाम्पलेट, चित्रमय पुस्तिकाओं और अन्य माध्यमों का उपयोग करने तथा आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में विधायक चैतराम अटामी, विधायक सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, उप सचिव विपुल गुप्ता, वित्त विभाग तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की।
Chhattisgarh Unorganised Workers Scheme के तहत राज्य सरकार के ये फैसले असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए राहत और अवसर लेकर आए हैं। ई-रिक्शा सहायता अनुदान को 1 लाख रुपये करना, गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए नई योजनाओं की तैयारी, मेधावी बच्चों के लिए प्रोत्साहन योजना तथा अनिवार्य e-KYC जैसे कदम सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे। यदि इन निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो प्रदेश के असंगठित श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
