Korba Pickup Accident ने एक बार फिर मजदूरों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के रजगामार चौकी क्षेत्र में रविवार सुबह मजदूरों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई और पेड़ से टकरा गई। हादसे में 9 मजदूर घायल हुए हैं, जबकि तीन महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Korba Pickup Accident: कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, रजगामार क्षेत्र के दरगा गांव के मजदूर रोजाना की तरह सुबह पिकअप वाहन में सवार होकर गोढ़ी स्थित कार्बन फैक्टरी में काम करने जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि वाहन चालक तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। बनखेता गांव के पास अचानक पिकअप अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलटते हुए एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
Korba Pickup Accident में 9 मजदूर घायल, 3 की हालत गंभीर
हादसे के समय पिकअप में 12 से अधिक मजदूर सवार थे। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर वाहन के नीचे दब गए।
राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर वाहन को सीधा किया और दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर रजगामार चौकी पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर रूप से घायल मजदूरों में उर्मिला कंवर, अंजली कंवर और सरिता मांझी शामिल हैं। अन्य घायलों का भी उपचार जारी है।
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घायल मजदूर ने बताई आपबीती
घायल मजदूर सविता ने बताया कि वे सुबह गांव से मजदूरी के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे पलटकर पेड़ से टकरा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि ग्रामीण और राहगीर समय पर मदद नहीं करते तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था।
Korba Pickup Accident: ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोढ़ी स्थित कार्बन फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों को ठेकेदार पिकअप वाहनों में लाते-ले जाते हैं।
आरोप है कि इन वाहनों में अक्सर निर्धारित क्षमता से अधिक मजदूरों को बैठाया जाता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में भी ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मालवाहक वाहनों में मजदूरों की आवाजाही सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं होने से इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी।
उन्होंने कहा कि घायल मजदूरों का इलाज कराया जा रहा है। वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही और यातायात नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस फैक्टरी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच करेगी तथा आवश्यक होने पर नोटिस जारी किया जाएगा।
मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद मजदूरों के सुरक्षित परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्टरी प्रबंधन और ठेकेदारों को मजदूरों के लिए सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
Korba Pickup Accident केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता का विषय है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग दुर्घटना की बड़ी वजह मानी जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उम्मीद है कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई होगी और भविष्य में मजदूरों के सुरक्षित परिवहन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
