Bhagirath Verma Arrest छत्तीसगढ़ में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया है।
एसीबी के अनुसार, 17 जून 2026 को गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से 18 जून से 27 जून तक पुलिस रिमांड मंजूर किया गया। अब जांच एजेंसियां मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Bhagirath Verma Arrest मामले में क्या है पूरा मामला?
एसीबी के मुताबिक भागीरथ वर्मा वर्ष 2019 से 2023 के बीच नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों को कार्य आवंटित करने और निविदाओं से जुड़ी आपत्तियां दूर करने के बदले रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 11 के तहत मामला दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें: Electricity Tariff Hike पर कांग्रेस का बड़ा हमला, जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने का आरोप
कौन हैं भागीरथ वर्मा?
भागीरथ वर्मा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर कार्य कर चुके हैं। विभागीय स्तर पर वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और निविदा प्रक्रियाओं से जुड़े रहे हैं।
हालांकि, अब Bhagirath Verma Arrest के बाद उनके कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है।
Bhagirath Verma Arrest के बाद कई ठिकानों पर छापेमारी
रायपुर, बिलासपुर और उज्जैन में कार्रवाई
जांच के दौरान एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीमों ने रायपुर और बिलासपुर में छह तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो स्थानों पर छापेमारी की।
इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
आय और संपत्ति का होगा मिलान
एजेंसी अब आरोपी की वैध आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर की जांच कर रही है। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिलते हैं तो मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
ठेकेदार की शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार दुर्ग के ठेकेदार राघवेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच उनसे लगातार धनराशि वसूली गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने अलग-अलग माध्यमों से 1.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया।
नकद के अलावा सामान भी खरीदवाने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नकद भुगतान के अतिरिक्त घर के लिए एसी, टाइल्स, ग्रेनाइट, एलईडी लाइट, स्मार्टफोन और सोने-हीरे की अंगूठियां जैसी वस्तुएं भी खरीदवाई गईं।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
Bhagirath Verma Arrest मामले में मिले डिजिटल सबूत
एसीबी के दस्तावेजों के अनुसार शिकायतकर्ता ने बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, खरीदारी के बिल और व्हाट्सएप चैट एजेंसी को उपलब्ध कराए हैं।
जांच में एक परिचित के खाते में दो लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का भी उल्लेख सामने आया है।
इन दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
Bhagirath Verma Arrest मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस रिमांड में जारी है पूछताछ
अदालत द्वारा मंजूर पुलिस रिमांड अवधि के दौरान भागीरथ वर्मा से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ और जब्त दस्तावेजों के विश्लेषण से मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
बड़े खुलासों की संभावना
ईओडब्ल्यू और एसीबी की जांच अब कथित रिश्वतखोरी, संपत्ति अर्जन और वित्तीय लेन-देन के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Bhagirath Verma Arrest मामला छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार से जुड़ी बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा की गई गिरफ्तारी, छापेमारी और करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन की जांच ने इस मामले को गंभीर बना दिया है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस रिमांड के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। Bhagirath Verma Arrest मामले की आगे की जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
