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Alcohol De-Addiction Campaign: छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज की दिशा में बड़ा कदम

Alcohol De-Addiction Campaign के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने की।

बैठक में समाज कल्याण विभाग, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान राज्य में संचालित नशामुक्ति अभियान, नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास, नशामुक्ति केंद्रों की स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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Alcohol De-Addiction Campaign की प्रगति की हुई समीक्षा

बैठक में राज्य स्तरीय समिति की 6 अक्टूबर 2023 को आयोजित पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई।

साथ ही प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक जनसंख्या वाली नई ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन और विस्तार पर चर्चा हुई।

समिति ने माना कि ग्रामीण स्तर तक अभियान का विस्तार करने से नशामुक्ति के प्रयास अधिक प्रभावी होंगे और जागरूकता का दायरा बढ़ेगा।

भारत माता वाहिनी को मिलेगा विस्तार

भारत माता वाहिनी योजना के तहत गांव-गांव में समुदाय आधारित समूहों को सक्रिय करने पर जोर दिया गया।

इससे स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को मजबूती मिलेगी।

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Alcohol De-Addiction Campaign के तहत खुलेंगे 5 नए नशामुक्ति केंद्र

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राज्य में 5 नए नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने का रहा।

इन नए केंद्रों को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में खोला जाएगा।

इन जिलों में नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से प्रभावित लोगों को स्थानीय स्तर पर सहायता मिल सकेगी।

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Alcohol De-Addiction Campaign में पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाने पर जोर

15 से बढ़कर 50 बिस्तरों तक होगी क्षमता

समिति ने नशापीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया।

प्रस्ताव के अनुसार इन केंद्रों की क्षमता 15 बिस्तरों से बढ़ाकर 50 बिस्तर तक की जा सकती है।

इस कदम से अधिक संख्या में जरूरतमंद लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

जिन जिलों में केंद्र नहीं, वहां होगी स्थापना

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन जिलों में अभी नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां उनकी स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इससे राज्यभर में नशामुक्ति सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।


निगरानी और पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय

Alcohol De-Addiction Campaign के तहत संचालित केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

समिति ने नशामुक्ति केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की।

जवाबदेही बढ़ाने की पहल

अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी और बायोमैट्रिक व्यवस्था से केंद्रों की निगरानी बेहतर होगी।

साथ ही सेवाओं की गुणवत्ता और जवाबदेही में भी सुधार आएगा।


वित्तीय समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना

बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान अभियान के तहत किए गए कार्यों और व्यय की समीक्षा की गई।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, मानव संसाधन की आवश्यकता और प्रशासनिक जरूरतों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर जोर

बैठक में एनसीओआरडी (NCORD) और एनएमबीए (NMBA) के प्रभावी क्रियान्वयन में विभिन्न समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

समिति ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए शासन, सामाजिक संगठनों और समुदाय की संयुक्त भूमिका आवश्यक है।

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नशामुक्त और स्वस्थ समाज की दिशा में बड़ा कदम

समिति ने पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, जनजागरूकता कार्यक्रमों का विस्तार करने और समुदाय आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, उपचार और पुनर्वास को साथ लेकर चलने से नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।


Alcohol De-Addiction Campaign के तहत लिए गए नए फैसले छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। 5 नए नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना, पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने से अभियान को नई गति मिलेगी। Alcohol De-Addiction Campaign केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से एक स्वस्थ और नशामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास है।


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