4thnation

हाईकोर्ट से भूपेश बघेल को नहीं मिली राहत

Bhupesh Baghel Election Petition मामले में छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को निरस्त करने की मांग की थी।

अब इस मामले में हाईकोर्ट मेरिट के आधार पर नियमित सुनवाई करेगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 23 जून 2026 निर्धारित की है।

📢 Join 4thNation Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j

Bhupesh Baghel Election Petition क्या है?

Bhupesh Baghel Election Petition दुर्ग सांसद विजय बघेल द्वारा दायर की गई चुनाव याचिका है। इस याचिका में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कथित आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

याचिका के अनुसार मतदान से पहले प्रचार बंद होने की अवधि में भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन विधानसभा क्षेत्र में रोड शो और रैली की थी। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रचार किया और मतदाताओं से वोट मांगे।

याचिकाकर्ता का दावा है कि यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का उल्लंघन है।

विजय बघेल ने क्यों दायर की याचिका?

विजय बघेल द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि चुनाव प्रचार प्रतिबंधित अवधि के दौरान आयोजित कथित रोड शो का वीडियो रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनावी नारे लगवाए और मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।

याचिकाकर्ता ने इन तथ्यों के आधार पर भूपेश बघेल का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: कांकेर में 26 ग्राम सभाओं का बड़ा निर्णय

हाईकोर्ट में क्या-क्या तर्क रखे गए?

सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से कई कानूनी तर्क प्रस्तुत किए गए।

उनके वकीलों ने कहा कि याचिका में लगाए गए आरोप अस्पष्ट हैं और पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही वीडियो और ई-मेल जैसे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के साथ आवश्यक 65-बी प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कथित रोड शो में शामिल लोगों की पहचान और भूपेश बघेल की सहमति का कोई ठोस प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि याचिका प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य है।

अदालत ने माना कि याचिका में पर्याप्त तथ्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ सकती है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, 65-बी प्रमाणपत्र और गवाहों की विश्वसनीयता जैसे मुद्दों पर फैसला ट्रायल के दौरान किया जाएगा।

पहले भी खारिज हो चुकी थी याचिका निरस्त करने की मांग

यह पहली बार नहीं है जब भूपेश बघेल ने चुनाव याचिका को समाप्त करने की मांग की हो।

इससे पहले भी उन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग की थी। तब भी अदालत ने याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए खारिज करने से इनकार कर दिया था।

अदालत का मानना रहा है कि मामले में पर्याप्त तथ्य मौजूद हैं जिनकी विस्तृत सुनवाई आवश्यक है।

📢 Join 4thNation Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j

सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे थे भूपेश बघेल

Bhupesh Baghel Election Petition मामले में भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में याचिका की मेंटेनेबिलिटी को लेकर नया आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी थी। उसी अनुमति के आधार पर उन्होंने दोबारा हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था।

हालांकि इस बार भी हाईकोर्ट ने उनकी मांग स्वीकार नहीं की और याचिका को जारी रखने का आदेश दिया।

23 जून को होगी अगली सुनवाई

अब Bhupesh Baghel Election Petition पर 23 जून 2026 से मेरिट के आधार पर नियमित सुनवाई शुरू होगी।

इस दौरान याचिकाकर्ता अपने साक्ष्य और गवाह पेश करेंगे, जबकि भूपेश बघेल पक्ष को भी सबूतों की प्रामाणिकता और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की वैधता पर आपत्ति उठाने का पूरा अवसर मिलेगा।

राजनीतिक दृष्टि से यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसका संबंध पूर्व मुख्यमंत्री के निर्वाचन से जुड़ा हुआ है।

Bhupesh Baghel Election Petition मामले में हाईकोर्ट का ताजा फैसला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। अदालत ने चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग अस्वीकार कर दी है और अब मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर होगी। 23 जून की सुनवाई पर प्रदेश की राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी रहेंगी। Bhupesh Baghel Election Petition आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक अहम विषय बना रह सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *