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Shaurya Chakra Durg Police: वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को मिला सम्मान

Shaurya Chakra Durg Police के तहत दुर्ग पुलिस ने शौर्य चक्र से सम्मानित निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का नागरिक अभिनंदन किया। पुलिस लाइन दुर्ग स्थित सभागार में आयोजित इस सम्मान समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और पुलिस परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दोनों अधिकारियों को नक्सल विरोधी अभियानों में उनके अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

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Shaurya Chakra Durg Police सम्मान समारोह में उमड़ा सम्मान

15 जून 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), नगर पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान दोनों शौर्य चक्र अलंकरण प्राप्त अधिकारियों के संघर्षपूर्ण सेवाकाल और नक्सल विरोधी अभियानों में उनके योगदान को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके अनुभवों को सुना और उनके साहस को सलाम किया।


शौर्य चक्र का महत्व

शौर्य चक्र भारत का शांतिकाल में दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान उन सैन्य, अर्धसैनिक बलों, पुलिस अधिकारियों और नागरिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विषम परिस्थितियों में असाधारण साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो।

यह अलंकरण राष्ट्रसेवा, बहादुरी और सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

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Shaurya Chakra Durg Police के गौरव निरीक्षक लक्ष्मण केवट

निरीक्षक लक्ष्मण केवट का जन्म 1 जुलाई 1986 को मनेन्द्रगढ़ में हुआ। उन्होंने 12 अप्रैल 2007 को जिला सूरजपुर में आरक्षक के रूप में पुलिस सेवा प्रारंभ की।

अगस्त 2012 में उप निरीक्षक और नवंबर 2014 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने बीजापुर, राजनांदगांव और कांकेर जिले में महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे थाना प्रभारी पखांजूर के पद पर कार्यरत हैं।

नक्सल विरोधी अभियानों में उन्होंने 40 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय भूमिका निभाई और विभिन्न अभियानों में 97 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उनकी बहादुरी के लिए उन्हें 1 शौर्य चक्र, 6 पुलिस वीरता पदक, 1 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक, 3 सीआरपीएफ महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क, 1 बीएसएफ महानिदेशक कमेंडेशन रोल और आउट ऑफ टर्न पूर्ण पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।

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निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख की प्रेरणादायक यात्रा

निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख का जन्म 1 अप्रैल 1986 को हुआ। उनका गृह ग्राम झोला, जिला दुर्ग है। उन्होंने 18 जून 2007 को जिला दंतेवाड़ा में आरक्षक के रूप में पुलिस सेवा शुरू की।

अगस्त 2012 में उप निरीक्षक और जुलाई 2015 में निरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। वर्तमान में वे थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में 25 सफल मुठभेड़ों में सक्रिय सहभागिता निभाई और 58 नक्सलियों के शव बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी वीरता के लिए उन्हें 1 शौर्य चक्र, 2 पुलिस वीरता पदक, 1 केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक और आउट ऑफ टर्न पदोन्नति से सम्मानित किया जा चुका है।


नक्सल विरोधी अभियानों में दोनों अधिकारियों का योगदान

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान दोनों अधिकारियों ने कठिन और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हुए पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया है।

उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस संगठन और दुर्ग जिले के लिए गर्व का विषय हैं। उनकी सेवाएं युवा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही हैं।


पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कही प्रेरणादायक बात

समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने कहा कि शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान को प्राप्त करना किसी भी पुलिस अधिकारी के लिए अत्यंत गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख ने विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है।

पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से जनता की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।


Shaurya Chakra Durg Police सम्मान समारोह ने यह साबित किया कि राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का हमेशा सम्मान होता है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद देशमुख की वीरता आने वाली पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणा है। उनका योगदान न केवल छत्तीसगढ़ पुलिस बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

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