IPS Shweta Chaubey आज उत्तराखंड के टिहरी जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली श्वेता चौबे अपनी कार्यशैली, सख्त प्रशासनिक फैसलों और जनसेवा के लिए पूरे पुलिस महकमे में अलग पहचान रखती हैं।
उन्हें “लेडी सिंघम” और “उत्तराखंड की शेरनी” जैसे नामों से भी जाना जाता है। अपनी कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के कारण वे देशभर की महिला अधिकारियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें: Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
IPS Shweta Chaubey का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता
आईपीएस श्वेता चौबे छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एसपी रहे दिवंगत आईपीएस विजय शंकर चौबे की बेटी हैं। विजय शंकर चौबे दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके थे और बाद में छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) भी बने।
उनका मूल निवास सारंगढ़ क्षेत्र से जुड़ा रहा है। श्वेता चौबे का बचपन दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बीता, जिसने उन्हें समाज और प्रशासन को करीब से समझने का अवसर दिया।
IPS Shweta Chaubey ने यूकेपीएससी से शुरू किया करियर
उच्च शिक्षा के लिए श्वेता चौबे दिल्ली गईं। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर पुलिस विभाग में डीएसपी के रूप में अपना करियर शुरू किया।
अपने उत्कृष्ट कार्यों और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। विभागीय पदोन्नति के बाद उन्हें आईपीएस अवार्ड हुआ और उन्होंने कई बड़े पदों पर सफलतापूर्वक कार्य किया।
वे एसपी चमोली, एसएसपी पौड़ी सहित कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं और वर्तमान में टिहरी जिले की एसएसपी हैं।
यह भी पढ़ें: Asian Para Armwrestling Championship 2026: श्रीमंत झा ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ और भारत का मान
IPS Shweta Chaubey का परिवार और निजी जीवन
पुलिस सेवा में बनी जीवनसाथी से पहचान
साल 2005 में नैनीताल स्थित प्रशिक्षण के दौरान उनकी मुलाकात मणिकांत मिश्रा से हुई। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से 6 दिसंबर 2006 को उनका विवाह हुआ।
परिवार में तीसरी पीढ़ी की अधिकारी
श्वेता चौबे अपने परिवार में तीसरी पीढ़ी की अधिकारी मानी जाती हैं। उनके पति मणिकांत मिश्रा भी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और कई जिलों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं।
IPS Shweta Chaubey की प्रमुख उपलब्धियां
राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सम्मान
- 79वें स्वतंत्रता दिवस पर विशिष्ट सेवा सम्मान।
- मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक।
- राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित।
- महिला सुरक्षा अभियान “ऑपरेशन पिंक” के लिए स्कोच अवॉर्ड।
फर्जी शिक्षक घोटाले का खुलासा
उत्तराखंड में चर्चित फर्जी शिक्षक घोटाले का पर्दाफाश करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। करीब आठ माह के भीतर 65 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कराया गया।
महिला सुरक्षा और ऑपरेशन पिंक की सफलता
देहरादून में एसपी सिटी रहते हुए श्वेता चौबे ने महिला सुरक्षा के लिए “ऑपरेशन पिंक” अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया।
इस अभियान को व्यापक सराहना मिली और बाद में इसे अन्य जिलों में भी संचालित किया गया। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों को एक सफल पुलिस मॉडल माना जाता है।
👉 व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें: Join 4thNation Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
आपदा और कोविड काल में निभाई अहम भूमिका
साल 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान श्वेता चौबे ने राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण समन्वय स्थापित किया। डेढ़ महीने तक चले रेस्क्यू अभियान में उन्होंने जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
वर्ष 2016 के हरिद्वार अर्द्धकुंभ में भी उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा।
कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने और बाहरी राज्यों के लोगों को सुरक्षित उनके घर भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धराली में बादल फटने की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए गठित विशेष टीम में भी वे शामिल रहीं।
IPS Shweta Chaubey की कहानी संघर्ष, सेवा और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है। छत्तीसगढ़ की बेटी के रूप में उन्होंने न केवल उत्तराखंड पुलिस में अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। IPS Shweta Chaubey की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के युवाओं और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
