Durg Water Crisis के कारण दुर्ग नगर निगम के वार्ड क्रमांक 58 उरला स्थित आईएचडीपी आवास के करीब 100 परिवार पिछले एक महीने से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। लगातार पानी नहीं मिलने से रहवासी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को वार्डवासियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और जल्द स्थायी व्यवस्था करने की मांग की।
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Durg Water Crisis के चलते एक महीने से परेशान हैं परिवार
वार्ड निवासी पूर्णिमा यादव के अनुसार, लगभग एक महीने से घरों में नल के माध्यम से पानी की आपूर्ति बंद है। इससे पूरे इलाके में दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
रहवासियों का कहना है कि कई बार पार्षद, नगर निगम अधिकारियों और जल कार्य समिति से संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला।
Durg Water Crisis पर जल कार्य समिति प्रभारी पर लगाए गए आरोप
वार्डवासियों ने जल कार्य समिति प्रभारी लीना दिनेश देवांगन पर शिकायतों की अनदेखी करने और फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया है।
फोन पर कथित जवाब से बढ़ी नाराजगी
रहवासियों का दावा है कि लगातार संपर्क करने पर उन्हें कथित रूप से कहा गया कि अधिक फोन करने पर कॉल नहीं उठाया जाएगा। इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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जल कार्य समिति प्रभारी ने आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर जल कार्य समिति प्रभारी लीना दिनेश देवांगन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
निगम प्रशासन का पक्ष
उन्होंने कहा कि महापौर अलका बाघमार के निर्देशन में उरला क्षेत्र में लगातार वैकल्पिक जल व्यवस्था की जा रही है।
उनके अनुसार,
- नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं।
- जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टैंकर उपलब्ध कराए जाते हैं।
- हाल ही में तीन मोटर पंप लगाए गए हैं।
- मीटर लगाने का कार्य जारी है और इसके बाद जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी कॉल का जवाब दिया जाता है और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
Durg Water Crisis में बंद बोरवेल और टैंकर व्यवस्था पर उठे सवाल
वार्डवासियों ने ज्ञापन में बताया कि आवास परिसर के पास स्थित पुराना बोरवेल लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है।
रहवासियों की प्रमुख मांगें
- बंद बोरवेल की सफाई
- मोटर पंप की स्थापना
- सुबह और शाम नियमित टैंकर सुविधा
- नाली निर्माण और सफाई व्यवस्था
- स्थायी पेयजल आपूर्ति
लोगों का कहना है कि यदि बोरवेल चालू हो जाए तो जल संकट काफी हद तक कम हो सकता है।
अब कलेक्टर से राहत की उम्मीद
भीषण गर्मी और लगातार जल संकट के बीच वार्डवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
रहवासियों को उम्मीद है कि कलेक्टर के निर्देश के बाद बंद बोरवेल को चालू किया जाएगा, नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होगी और क्षेत्र की अन्य बुनियादी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
Durg Water Crisis ने उरला आईएचडीपी आवास के सैकड़ों लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित किया है। एक ओर रहवासी पानी की कमी और अव्यवस्था का आरोप लगा रहे हैं, वहीं नगर निगम प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाएं किए जाने का दावा कर रहा है।
अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह Durg Water Crisis का स्थायी समाधान निकालकर प्रभावित परिवारों को जल्द राहत दिलाए।
