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NEET Protest Talks: सरकार और CJP के बीच आज तीसरे दौर की वार्ता, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बरकरार

NEET Protest Talks शनिवार, 25 जुलाई 2026, को केंद्र सरकार और Cockroach Janta Party (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता होने की संभावना है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। इस बीच दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है और कई मेट्रो स्टेशन लगातार चौथे दिन भी बंद रहे।

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NEET Protest Talks: तीसरे दौर की बैठक पर सबकी नजर

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार और संगठन के बीच तीसरे दौर की बातचीत शनिवार को होगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से बैठक का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

रांका ने दोहराया कि संगठन की सबसे प्रमुख और “गैर-समझौतावादी (Non-Negotiable)” मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका कहना है कि जब तक इस मांग पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।


CJP की प्रमुख मांगें क्या हैं?

NEET Protest Talks के दौरान CJP ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  • 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से सार्वजनिक माफी।
  • प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने की गारंटी।
  • NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।

संगठन का कहना है कि इन मांगों पर ठोस कार्रवाई के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

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NEET Protest Talks के बीच अभिजीत डिपके की तबीयत बिगड़ी

CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने जानकारी दी कि उन्हें टाइफाइड हो गया है।

इसके बावजूद उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से आंदोलन और सरकार के साथ बातचीत दोनों जारी रहेंगे। संगठन का दावा है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उनका अभियान पहले की तरह चलता रहेगा।


दिल्ली मेट्रो स्टेशन चौथे दिन भी बंद

प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली के कम से कम 18 दिल्ली मेट्रो स्टेशन लगातार चौथे दिन भी बंद रहे।

प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा।


प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR का दायरा बढ़ा

दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या बढ़ा दी है।

CJP का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने मांग की है कि किसी भी छात्र के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


केंद्र सरकार ने परीक्षा सुधारों पर उठाए कदम

NEET Protest Talks के समानांतर केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई कदम उठाने का दावा कर रही है।

सरकार के अनुसार—

  • एंटी-पेपर लीक कानून को और सख्त किया गया है।
  • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं।
  • परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सुधार लागू किए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य भविष्य में किसी भी परीक्षा में अनियमितता रोकना है।


सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने पर दी सफाई

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार के साथ कोई समझौता (Deal) नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने भूख हड़ताल इसलिए समाप्त की क्योंकि उन्हें आशंका थी कि जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

वांगचुक ने यह भी कहा कि उनका समर्थन छात्रों के साथ पहले की तरह जारी रहेगा।


आगे क्या होगा?

सरकार और CJP के बीच होने वाली तीसरे दौर की वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हैं।

यदि बैठक में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहमति बनती है तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। वहीं, यदि वार्ता बेनतीजा रहती है तो प्रदर्शन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


NEET Protest Talks अब केवल एक छात्र आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सरकारी जवाबदेही और शिक्षा सुधारों से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। सरकार जहां परीक्षा सुधारों और सख्त कानूनों का हवाला दे रही है, वहीं CJP अपनी प्रमुख मांगों—शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, FIR वापस लेने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा—पर अडिग है। अब तीसरे दौर की वार्ता के नतीजे तय करेंगे कि NEET Protest Talks आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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