Dhamtari Warehousing Hub के रूप में छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अब विकास और आत्मनिर्भरता के नए युग में प्रवेश कर रहा है। कभी भंडारण की कमी से जूझने वाला यह कृषि प्रधान जिला अब आधुनिक वेयरहाउसिंग और कृषि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है।
📲 Join 4thNation WhatsApp Channel
Dhamtari Warehousing Hub बनने के पीछे की बड़ी वजह
पिछले कुछ वर्षों में धमतरी जिले में रबी फसलों, विशेषकर चने के उत्पादन और खरीदी में लगातार वृद्धि हुई। लेकिन पर्याप्त गोदाम नहीं होने के कारण उपज को दूसरे जिलों में भेजना पड़ता था।
इससे परिवहन लागत बढ़ती थी और किसानों के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता था। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्रशासन ने स्थायी वेयरहाउसिंग ढांचे के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया।
यह भी पढ़ें: NCBC Chairperson Raipur Visit: 7 जून को रायपुर आएंगी साध्वी निरंजन ज्योति
30 हजार मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता
Dhamtari Warehousing Hub परियोजना के अंतर्गत केंद्र सरकार की “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” का भी लाभ मिल रहा है।
जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों—
- अंवरी
- कोसमर्रा
- पोटियाडीह-आमदी
- कोलियारी
में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं। इससे 10 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा राज्य भंडारण गृह निगम द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं।
📲 Join 4thNation WhatsApp Channel
रिकॉर्ड खरीदी से मजबूत हुई Dhamtari Warehousing Hub की जरूरत
रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई।
इसके एवज में लगभग 60.54 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।
यह बढ़ती कृषि समृद्धि ही वेयरहाउसिंग विस्तार की मुख्य वजह बन रही है।
राइस मिलर्स और व्यापार को मिलेगा बड़ा लाभ
धमतरी पहले से ही धान मिलिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। नई भंडारण क्षमता बढ़ने से तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या काफी हद तक कम होगी।
इसके साथ ही:
- मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी।
- परिवहन लागत घटेगी।
- लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होगी।
- कृषि उत्पादों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
रेल कनेक्टिविटी से खुलेगा विकास का नया रास्ता
धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन इस क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
रेल सुविधा शुरू होने के बाद जिले के चावल और अन्य कृषि उत्पाद कम लागत में देश के बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे। इससे व्यापार विस्तार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
📲 Join 4thNation WhatsApp Channel
Dhamtari Warehousing Hub से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
वेयरहाउसिंग और कृषि लॉजिस्टिक्स के इस मजबूत नेटवर्क से किसानों, सहकारी समितियों, व्यापारियों और उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन होगा, विपणन व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिल सकती है।
धमतरी की यह पहल बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने का उदाहरण बन सकती है।
Dhamtari Warehousing Hub परियोजना छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। 30 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता, आधुनिक वेयरहाउसिंग, रेल कनेक्टिविटी और मजबूत कृषि लॉजिस्टिक्स धमतरी को आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख कृषि-व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
