रायपुर । Revenue Cases Disposal को तेज करने और आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर प्रवास के दौरान अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शासन-प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान करना है। उन्होंने विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
Join 4thNation Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Revenue Cases Disposal के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान
बैठक में Revenue Cases Disposal सबसे प्रमुख विषयों में शामिल रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-सीमा से बाहर और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे नागरिकों की आजीविका और संपत्ति अधिकारों से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी आम लोगों को परेशानी में डालती है।
लंबित मामलों पर प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
यह भी पढ़ें: Bilaspur Education Hub: युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
Revenue Cases Disposal के साथ पेयजल व्यवस्था पर भी फोकस
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को लगातार निगरानी रखने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को वर्षा पूर्व तैयारी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार की अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं और मूलभूत सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली।
उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख किया।
उन्होंने किसानों को एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन क्षमता भी बढ़ेगी।
महिलाओं की कृषि क्षेत्र में बढ़ेगी भागीदारी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाए और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
तकनीक आधारित खेती से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से महिलाओं को जोड़ने से रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सुशासन तिहार से मजबूत हुआ जनता का विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों और जनसंवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने का माध्यम भी है।
महतारी वंदन योजना पर भी जताई खुशी
मुख्यमंत्री ने बैठक में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Revenue Cases Disposal को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की समीक्षा बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और महिलाओं को कृषि क्षेत्र में अधिक अवसर देने जैसे निर्देश प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि Revenue Cases Disposal सहित सभी जनहितकारी मामलों का समयबद्ध समाधान ही सुशासन का वास्तविक आधार है और यही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा।

One thought on “Revenue Cases Disposal को लेकर मुख्यमंत्री साय के बड़े निर्देश, राजस्व मामलों से लेकर किसानों तक पर फोकस”
Comments are closed.