Lost Mobile Recovery: दुर्ग पुलिस ने 201 गुम मोबाइल लौटाए, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

दुर्ग। Lost Mobile Recovery अभियान के तहत दुर्ग जिला पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 201 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मोबाइल उनके धारकों को लौटाए गए।

मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे आम नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Lost Mobile Recovery अभियान में 201 मोबाइल बरामद

दुर्ग जिला पुलिस के अनुसार जिले में लगातार गुम मोबाइल फोन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर गुम मोबाइलों की खोज और बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया गया।

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा विभिन्न थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम ने वर्ष 2024, 2025 और 2026 के दौरान गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी एकत्रित कर उनकी ट्रैकिंग शुरू की।

कड़ी मेहनत और तकनीकी विश्लेषण के बाद कुल 201 मोबाइल फोन खोज निकाले गए।

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Lost Mobile Recovery में कई राज्यों से मिले मोबाइल

बरामद किए गए मोबाइल केवल दुर्ग जिले तक सीमित नहीं थे।

पुलिस जांच में कई मोबाइल महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे अन्य राज्यों से भी बरामद किए गए।

इसके अलावा दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर सहित कई जिलों में भी मोबाइलों का पता लगाया गया।

यह सफलता पुलिस की तकनीकी क्षमता और अंतरराज्यीय समन्वय को दर्शाती है।

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विभिन्न कंपनियों के थे मोबाइल

पुलिस के अनुसार बरामद सभी 201 मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के थे।

इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख रुपये बताई गई, जबकि कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लगभग 60 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल वितरित किए जाने की जानकारी दी।

CEIR Portal से मिली बड़ी मदद

Lost Mobile Recovery में तकनीक बनी हथियार

गुम मोबाइलों की तलाश में पुलिस ने भारत सरकार के Central Equipment Identity Register (CEIR) पोर्टल का उपयोग किया।

CEIR पोर्टल मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने और ब्लॉक करने में मदद करता है।

इसी तकनीकी प्लेटफॉर्म की सहायता से मोबाइलों का लोकेशन डेटा प्राप्त कर उन्हें बरामद किया गया।

दुर्ग पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चौथी बार चला Lost Mobile Recovery अभियान

दुर्ग पुलिस ने बताया कि पिछले एक वर्ष के भीतर यह चौथी बार है जब बड़ी संख्या में गुम मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को लौटाए गए हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अब तक लगभग 800 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि Lost Mobile Recovery अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है।

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मोबाइल मालिक अपना फोन कैसे प्राप्त करें?

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन के IMEI नंबरों की सूची दुर्ग पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जा रही है।

यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल बरामद हुआ है तो वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट कार्यालय भिलाई पहुंचकर अपना मोबाइल प्राप्त कर सकता है।

दस्तावेज सत्यापन के बाद मिलेगा मोबाइल

मोबाइल वापस लेने के लिए मोबाइल खरीद से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।

दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मोबाइल वास्तविक मालिक को सौंपा जाएगा।

नागरिकों के लिए क्या है संदेश?

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना या CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साथ ही मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई है।

Lost Mobile Recovery अभियान दुर्ग पुलिस की जनहितकारी और तकनीक आधारित कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। 201 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाकर पुलिस ने एक बार फिर नागरिकों का विश्वास मजबूत किया है। पिछले एक वर्ष में लगभग 800 मोबाइल बरामद करना इस अभियान की बड़ी उपलब्धि है। आने वाले समय में भी Lost Mobile Recovery अभियान आम लोगों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बना रहेगा।

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