Chhattisgarh विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महत्वपूर्ण संकल्प प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करना महिलाओं के सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज में संतुलित प्रतिनिधित्व मजबूत होगा और विकास अधिक समावेशी बनेगा।
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Chhattisgarh में नारी शक्ति वंदन पर सरकार का बड़ा संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि Chhattisgarh की धरती माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसी शक्तियों की भूमि है, जहां महिलाओं को सदैव सम्मान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि सृजन और शक्ति की आधारशिला है। नवरात्रि में जिस शक्ति की पूजा की जाती है, वही शक्ति समाज में मातृरूप में विद्यमान है।
महिलाओं को बताया समाज की शक्ति
मुख्यमंत्री ने “या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय जीवन दर्शन का मूल तत्व है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी उनकी अहम भागीदारी है।
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Chhattisgarh की महान महिलाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने भक्त माता कर्मा, तीजन बाई और उषा बारले जैसी विभूतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन महिलाओं ने प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाई है।
उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई जैसी वीरांगनाओं को भी प्रेरणास्रोत बताया।
आधुनिक युग की महिलाओं की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय महिलाओं ने वैश्विक स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं।
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महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
Chhattisgarh में “महतारी गौरव वर्ष” का आयोजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को Chhattisgarh में “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।
इसका उद्देश्य मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना और महिलाओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
स्व-सहायता समूहों से बढ़ रही आर्थिक ताकत
बड़ी संख्या में महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास दोनों को मजबूती मिल रही है।
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पंचायतों और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत कर रही है।
आज बड़ी संख्या में महिलाएं जनप्रतिनिधि बनकर स्थानीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
निर्णय प्रक्रिया में बढ़ रही भूमिका
सरकार का लक्ष्य महिलाओं को परिवार और समाज दोनों स्तर पर मजबूत बनाना है ताकि वे निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की।
Chhattisgarh में महिला सशक्तिकरण और मातृशक्ति के सम्मान को लेकर सरकार की पहल सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन से लेकर “महतारी गौरव वर्ष” तक, सरकार महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी देने पर जोर दे रही है। आने वाले समय में ये पहल राज्य में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई मिसाल बन सकती हैं।
