परशुराम महोत्सव का आयोजन: प्रत्येक ब्राह्मण भगवान परशुराम द्वारा प्रदत्त ज्ञान व शक्तियों का प्रयोग कर सनातनी

Devesh Mishra की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव पखवाड़ा पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। अमलेश्वर में खारून नदी किनारे स्थित शर्मा भवन में यह आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल हुए और धार्मिक वातावरण बना रहा।

🎉 कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

इस आयोजन की शुरुआत भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती उतारी गई।

पूरा परिसर गूंज उठा:

  • “भगवान परशुराम की जय”
  • “सनातन धर्म की जय”
  • “हर हर महादेव”

इसके बाद अतिथियों का सम्मान किया गया और प्रसाद वितरण किया गया।

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🗣️ Devesh Mishra का बड़ा बयान

मुख्य अतिथि के रूप में देवेश मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण विचार रखे।

Devesh Mishra ने कहा कि:

  • भगवान परशुराम ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया
  • आज समाज को उसी मार्ग पर चलने की जरूरत है
  • राजनीतिक अंधानुकरण से बचना चाहिए

उन्होंने रामराज्य की स्थापना के लिए ज्ञान और शक्ति के सही उपयोग पर जोर दिया।


🏛️ ब्राह्मण समाज को संदेश

Devesh Mishra ने ब्राह्मण समाज को एकजुट रहने और अपने ज्ञान को समाज के हित में उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा:

  • ब्राह्मण समाज का स्थान सर्वोच्च है
  • समाज को मार्गदर्शन देना जिम्मेदारी है
  • वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति को मजबूत किया जा सकता है

🌍 छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता का संदेश

इस कार्यक्रम में दुर्ग, भिलाई, रायपुर और कवर्धा से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

इससे यह स्पष्ट हुआ कि Devesh Mishra के नेतृत्व में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा मिल रहा है।

👥 कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अतिथि

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे:

  • रत्ना दीदी (अध्यक्षता)
  • गणेश प्रसाद शर्मा
  • अतुल शुक्ला
  • ज्ञानेश्वर प्रसाद
  • वैभव शास्त्री
  • सुनील शर्मा

सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

निष्कर्ष

Devesh Mishra की मौजूदगी में आयोजित यह परशुराम महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बनकर उभरा। उनके संदेश ने समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया है। आने वाले समय में ऐसे आयोजन Devesh Mishra के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सनातन मूल्यों को और मजबूत करेंगे।

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