Shri Rajat Bansal, जनसंपर्क आयुक्त, ने नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के जनसंपर्क अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली, सुशासन तिहार की तैयारियों और मीडिया प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के जिला जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब राज्य सरकार 1 मई से सुशासन तिहार की राज्यव्यापी शुरुआत की तैयारी कर रही है।
नई मीडिया तकनीक में दक्षता — PROs के लिए अनिवार्य
Shri Rajat Bansal ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि आज के दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को नई मीडिया के हर स्वरूप में दक्ष होना अनिवार्य है। बदलती तकनीक और संचार के नए माध्यमों के साथ तालमेल बिठाना ही प्रभावशाली जनसंपर्क की कुंजी है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया, वेब पोर्टल, यूट्यूब चैनल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना सबसे प्रभावी तरीका है।
हर प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग जरूरी
आयुक्त ने निर्देश दिया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया — तीनों माध्यमों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर मंच का रणनीतिक उपयोग कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को विस्तारित किया जाना चाहिए।
जनसंपर्क अधिकारी यदि केवल पारंपरिक मीडिया पर निर्भर रहें तो सरकार का संदेश सभी वर्गों तक नहीं पहुंच सकता। इसलिए नई तकनीक को अपनाना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है।
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Shri Rajat Bansal का जनसंपर्क अधिकारियों को सख्त संदेश
Shri Rajat Bansal ने बैठक में जोर देकर कहा कि जनसंपर्क एक अत्यंत जिम्मेदारी भरा पद है और इसे पूरी गंभीरता से निभाया जाना चाहिए। सरकार और आम जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाने वाले PROs की जवाबदेही और भी अधिक होती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अधिकारी के प्रदर्शन का मूल्यांकन उनके कार्य के परिणामों के आधार पर सख्ती से किया जाएगा। बहाने और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्रियों और कलेक्टरों से नियमित समन्वय अनिवार्य
आयुक्त ने PROs को निर्देश दिया कि वे मंत्रियों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें। इससे सरकारी सूचनाओं का समय पर और प्रभावी प्रवाह सुनिश्चित होगा।
यह समन्वय सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना समन्वय के सूचना तंत्र कमजोर पड़ जाता है।
हितग्राहियों के अनुभव वीडियो और समाचारों में करें शामिल
Shri Rajat Bansal ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों के अनुभवों को वीडियो और समाचार के रूप में साझा किया जाए। इससे जनजागरूकता बढ़ेगी और योजनाओं में आम जनता की भागीदारी भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों के प्रभावी प्रसार के लिए सभी मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखना अनिवार्य है।
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सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा — 1 मई से शुरुआत
बैठक में Shri Rajat Bansal ने 1 मई से शुरू होने वाले राज्यव्यापी सुशासन तिहार — सुशासन उत्सव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का सुनहरा अवसर है।
उन्होंने निर्देश दिया कि इस अवसर पर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया का अधिकतम उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। हर जिले में इस उत्सव को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
हर जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें
सुशासन तिहार के तहत छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न जनकल्याण योजनाओं — जैसे राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कृषि सहायता — का प्रचार-प्रसार हर स्तर पर होना चाहिए। आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण और शहरी — दोनों क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
जिला स्तर पर PROs को सक्रिय रूप से मीडिया के साथ मिलकर काम करना होगा ताकि सरकारी संदेश दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
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Shri Rajat Bansal ने 3 जिलों के PRO पर कार्रवाई के दिए आदेश
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित पहलू यह रहा कि Shri Rajat Bansal ने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिलों के जनसंपर्क अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसंपर्क विभाग में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सक्रिय और जिम्मेदारी से काम करना हर अधिकारी की प्राथमिक duty है।
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति
आयुक्त ने साफ कर दिया कि आगे से किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश पूरे विभाग के लिए एक सख्त चेतावनी है।
यह कदम विभाग में अनुशासन और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। सरकारी तंत्र तभी प्रभावी होता है जब हर स्तर पर जिम्मेदारी का निर्वाह किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति — कौन-कौन रहे शामिल?
इस महत्वपूर्ण बैठक में जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौरानिक सहित संचालनालय के अधिकारी और विभिन्न जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
इन वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि Shri Rajat Bansal की यह बैठक विभाग के लिए कितनी महत्वपूर्ण थी। पूरे विभाग को एक ही मंच पर लाकर दिशा-निर्देश देना एक प्रभावी प्रशासनिक कदम है।
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Shri Rajat Bansal का विजन: जवाबदेह और डिजिटल जनसंपर्क
Shri Rajat Bansal की यह बैठक छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा लेकर आई है। नई मीडिया तकनीक में दक्षता, मंत्रियों और कलेक्टरों से नियमित समन्वय, सुशासन तिहार की तैयारी और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस — ये पाँच बिंदु विभाग की कार्यसंस्कृति को पूरी तरह बदल देने में सक्षम हैं।
उनका यह कदम न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि आम जनता तक सटीक और समय पर सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को भी मजबूत करेगा। Shri Rajat Bansal का यह दूरदर्शी नेतृत्व छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग को देश के सबसे प्रभावशाली विभागों में शुमार करने की क्षमता रखता है।
