Skip to main content

4thnation

Durg में ग्राम सभाओं का आयोजन

Durg जिले में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बड़े स्तर पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। Durg के सभी 300 ग्राम पंचायतों और उनके आश्रित गांवों में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीणों की भारी भागीदारी देखने को मिली।

यह आयोजन ग्रामीण विकास और जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

Durg जिले के सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में प्रशासन के निर्देशानुसार अधिकारी भी अनिवार्य रूप से शामिल हुए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे के निर्देश पर यह सुनिश्चित किया गया कि Durg के हर गांव में लोगों की अधिक से अधिक सहभागिता हो।

यह भी पढ़ें: भव्य शोभायात्रा, चित्रगुप्त जयंती में उमड़ा जनसैलाब

Durg ग्राम सभाओं में उठे प्रमुख मुद्दे

इन ग्राम सभाओं में Durg के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इनमें ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल रहे।

साथ ही ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों के अपलोड और आत्मनिर्भर पंचायत बनाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया गया। Durg में इन योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाई गई।

Durg प्रशासन के निर्देश और योजना

कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में दुर्ग में सभी पंचायतों को पहले ही आवश्यक निर्देश दिए गए थे। ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को योजनाओं की जानकारी दी गई।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि दुर्ग में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।

दुर्ग में ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान

दुर्ग में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के मार्गदर्शन में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान को भी प्रमुखता दी गई।

इस अभियान के तहत पंचायत भवनों की दीवारों पर जलस्तर की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है। ‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह कर पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इससे दुर्ग में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

दुर्ग के ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी

दुर्ग के रसमड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सरपंच, उपसरपंच और पंचों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इससे यह स्पष्ट होता है कि दुर्ग में लोग अपने गांव के विकास के लिए जागरूक और सक्रिय हो रहे हैं।

📢 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें और पाएं सबसे पहले खबरें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j

दुर्ग में पंचायत व्यवस्था का महत्व

भारत में पंचायती राज व्यवस्था को 73वें संविधान संशोधन के तहत संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।

दुर्ग में इस दिन का आयोजन ग्रामीण विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रतीक बन गया है।

अंत में कहा जा सकता है that दुर्ग में आयोजित ग्राम सभाएं ग्रामीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम हैं। जल संरक्षण, रोजगार और आवास जैसी योजनाओं पर फोकस से दुर्ग के गांव आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहे हैं। यदि इसी तरह जनभागीदारी बनी रही, तो दुर्ग जिले का समग्र विकास और तेज होगा।

One thought on “Durg में ग्राम सभाओं का आयोजन

Comments are closed.