Lakshmi Rajwada के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार लगातार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कुपोषण खत्म करने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है।
सूरजपुर में पोषण यूनिट का शुभारंभ
Surajpur जिले के रामानुजनगर परियोजना अंतर्गत दर्रीपारा गांव में 90 लाख रुपये की लागत से आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट शुरू की गई। इस यूनिट को बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित किया गया है।
इस कार्यक्रम में विधायक Bhulan Singh Maravi सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिला समूह की सदस्य मौजूद रहीं।
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Lakshmi Rajwada का संबोधन और सरकार की रणनीति
कार्यक्रम में Lakshmi Rajwada ने कहा कि राज्य सरकार, Narendra Modi की गारंटी के अनुसार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि यह यूनिट केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता का मजबूत आधार बनेगी।
313 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा लाभ
इस अत्याधुनिक यूनिट के माध्यम से रामानुजनगर परियोजना के 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा।
यहां हर महीने लगभग 30 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार और पौष्टिक दलिया तैयार किया जाएगा। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण मिलेगा।
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महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
Lakshmi Rajwada की इस पहल से स्थानीय महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुले हैं।
महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य अब उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे उनकी आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
Lakshmi Rajwada मॉडल: सशक्तिकरण और पोषण का संगम
Lakshmi Rajwada ने अपने संबोधन में कहा कि “आत्मनिर्भर ग्राम, सशक्त महिला” की सोच को साकार करने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे।
स्थानीय स्तर पर उत्पादन से न केवल गुणवत्ता और ताजगी बनी रहेगी, बल्कि वितरण व्यवस्था भी मजबूत होगी।
यह मॉडल महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्थानीय उद्यमिता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
Lakshmi Rajwada की यह पहल छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा को नई दिशा देने वाली साबित हो रही है।
90 लाख रुपये की यह यूनिट न केवल कुपोषण से लड़ने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
