Chhattisgarh Politics: महिला आरक्षण पर क्यों मचा घमासान?

Chhattisgarh Politics में इन दिनों महिला आरक्षण बिल को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों आमने-सामने आ गए हैं।

भाजपा ने कांग्रेस पर बिल गिराने का आरोप लगाते हुए उसे “महिला विरोधी” करार दिया है। वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है।

यह विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है और दोनों दलों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है।

यह भी पढ़ें: बादाम खाओ और फाइल ढूंढो! 1 साल से परेशान युवक का अनोखा विरोध


BJP राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह का कांग्रेस पर तीखा हमला

भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने रायपुर दौरे के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कांग्रेस को “बेशर्म पार्टी” करार देते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरते समय कांग्रेस के नेता हंस रहे थे। यह दृश्य पूरे देश ने देखा।

अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ रहा है और महिला आरक्षण बिल को गिराकर कांग्रेस ने “पाप” किया है।

उन्होंने यह भी ऐलान किया कि भाजपा ‘नारी शक्ति अधिनियम’ को लेकर देशभर में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाएगी, जिसमें प्रेस वार्ता, पदयात्राएं और गांव-गांव तक पहुंचने के कार्यक्रम शामिल होंगे।

📢 ताज़ा राजनीतिक खबरों के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


CM विष्णुदेव साय और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का बड़ा बयान

Chhattisgarh Politics में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर सीधा हमला बोला और कांग्रेस को महिला विरोधी बताया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने और भी तीखे बोल कहे। उन्होंने कहा:

“कांग्रेस ने महिलाओं के साथ पाप किया है। महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी।”

मंत्री राजवाड़े ने यह भी कहा कि भाजपा की महिला नेता गांव-गांव जाकर महिलाओं को बताएंगी कि कांग्रेस किस तरह महिला विरोधी है।


20 अप्रैल को BJP की आक्रोश रैली – रायपुर में बड़ा आयोजन

महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भाजपा ने 20 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय “आक्रोश रैली” निकालने का ऐलान किया है।

यह रैली रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित होगी और इसमें बड़ी संख्या में भाजपा की महिला नेताएं व कार्यकर्ता शामिल होंगी।

भाजपा के नेताओं का कहना है कि यह रैली कांग्रेस के “महिला विरोधी रवैये” के खिलाफ महिलाओं के आक्रोश को आवाज देगी।


Chhattisgarh Politics: कांग्रेस का पलटवार

Chhattisgarh Politics में कांग्रेस भी पीछे नहीं रही। पार्टी के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा पर जोरदार पलटवार किया।

उन्होंने कहा कि भाजपा को अपना नाम बदलकर “भारतीय झूठा पार्टी” रख लेना चाहिए। उनका आरोप था कि भाजपा ने संसद में झूठ बोला और करोड़ों महिलाओं को गुमराह किया।

सुशील आनंद शुक्ला ने यह भी याद दिलाया कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पास हो चुका है, लेकिन भाजपा सरकार इसे अब तक लागू नहीं कर रही है।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण का इस्तेमाल परिसीमन जैसे विवादास्पद मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए कर रही है।

📢 हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए जुड़ें: 👉 https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


PCC चीफ दीपक बैज ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहती थी, लेकिन उनके मंसूबों पर पानी फिर गया है

दीपक बैज ने स्पष्ट कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर “परिसीमन बिल” लाने की कोशिश कर रही थी। यानी असली मकसद महिलाओं का भला नहीं, बल्कि चुनावी गणित साधना था।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पास हो चुका है, तो आखिर भाजपा सरकार उसे लागू क्यों नहीं कर रही?

कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस वार्ता आयोजित करेगी और जनता को भाजपा के असली मंसूबों से अवगत कराएगी।


Chhattisgarh Politics में महिला आरक्षण का असली सच क्या है?

2023 में पास हुआ था विधेयक, फिर भी लागू नहीं

संसद ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया था, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है।

हालांकि इस कानून को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की शर्त रखी गई है, जिससे इसके क्रियान्वयन में वर्षों की देरी हो सकती है।

परिसीमन की शर्त – असली विवाद की जड़

यही परिसीमन की शर्त इस पूरे विवाद की जड़ है। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा इस शर्त की आड़ में महिला आरक्षण को अनिश्चितकाल के लिए टाल रही है।

Chhattisgarh Politics में यह बहस अब और तीखी हो गई है क्योंकि दोनों दल महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश में लगे हैं।


दोनों दलों की रणनीति एक नजर में

दलरणनीति
BJPआक्रोश रैली, पदयात्रा, गांव-गांव अभियान
Congressजिला मुख्यालयों में प्रेस वार्ता, जनजागरण
BJP का आरोपकांग्रेस ने बिल गिराया, महिला विरोधी
Congress का आरोपBJP लागू नहीं कर रही, परिसीमन की चाल

Chhattisgarh Politics में महिला आरक्षण बिल एक बार फिर सबसे धधकता हुआ मुद्दा बन गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों खुद को महिलाओं का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने में जुटे हैं।

लेकिन असली सवाल यह है – जब 2023 में विधेयक पास हो चुका है, तो महिलाओं को उनका हक कब मिलेगा? Chhattisgarh Politics में इस बहस का जवाब सियासी मंचों से नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन से मिलना चाहिए।

20 अप्रैल की आक्रोश रैली और कांग्रेस की प्रेस वार्ताओं के बाद यह सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कौन सा दल महिलाओं के लिए सच में काम करता है और कौन सा केवल वोट की राजनीति।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *