Bastar Health Campaign यानी ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले से की है। यह छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग के दूरदराज और आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
इस अभियान के तहत प्रशासन ने जिले के करीब 9.5 लाख लोगों तक इलाज और जांच पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
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289 स्क्रीनिंग टीमें – कैसे काम कर रही हैं?
घर-घर जाकर दी जा रही है स्वास्थ्य सेवा
Bastar Health Campaign के तहत पूरे जिले में 289 स्क्रीनिंग टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें गांवों और दूरस्थ इलाकों में घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं।
इन टीमों में शामिल हैं:
- सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
- ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक
- मितानिन (ASHA Workers)
टीमें न केवल जांच कर रही हैं, बल्कि जरूरत के अनुसार मौके पर ही प्राथमिक इलाज और दवाइयां भी उपलब्ध करा रही हैं।
गंभीर मरीजों को मिल रही तत्काल रेफरल
जांच के दौरान यदि कोई गंभीर मरीज मिलता है, तो उसे तुरंत रेफरल स्लिप देकर उच्च स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी मरीज बिना इलाज के न रहे।
Bastar Health Campaign – किन बीमारियों की होगी जांच?
गैर-संचारी और संचारी दोनों रोगों की स्क्रीनिंग
Bastar Health Campaign में बस्तर के आदिवासी इलाकों में आम रोगों से लेकर गंभीर बीमारियों तक की स्क्रीनिंग की जा रही है।
🔴 गैर-संचारी रोग (NCDs):
- हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension)
- शुगर (Diabetes)
- सिकलसेल एनीमिया
- कैंसर
🟠 संचारी रोग (Communicable Diseases):
- टीबी (Tuberculosis)
- मलेरिया
- कुष्ठ रोग (Leprosy)
- फाइलेरिया
👶🤰 बच्चे और गर्भवती महिलाएं:
इस अभियान में बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:
- एनीमिया की पहचान और इलाज
- विटामिन A की कमी की जांच
- हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और निगरानी
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डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल और आयुष्मान भारत से जोड़ाव
हर व्यक्ति का बनेगा Digital Health Record
Bastar Health Campaign की एक सबसे अहम और आधुनिक विशेषता यह है कि इस अभियान के तहत हर व्यक्ति का डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है।
इस प्रोफाइल को आयुष्मान भारत – आभा (ABHA) कार्ड से जोड़ा जा रहा है, जिससे मरीज का पूरा स्वास्थ्य इतिहास एक जगह सुरक्षित रहेगा।
ABHA से जोड़ने के फायदे:
- डॉक्टर को पुरानी बीमारियों की जानकारी आसानी से मिलेगी।
- अलग-अलग अस्पतालों में रिकॉर्ड ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
- भविष्य में बेहतर और व्यक्तिगत इलाज संभव होगा।
- आदिवासी और दूरदराज के लोग भी डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ेंगे।
यह कदम बस्तर के आदिवासी अंचल को डिजिटल इंडिया से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
5300 से ज्यादा विजिट प्लान – जिलेभर में कवरेज
बस्तर ब्लॉक में सबसे ज्यादा 52 टीमें तैनात
Bastar Health Campaign की व्यापकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे जिले में 5,300 से अधिक विजिट प्लान तैयार किए गए हैं।
| ब्लॉक/क्षेत्र | स्क्रीनिंग टीमें |
|---|---|
| बस्तर ब्लॉक | 52 (सर्वाधिक) |
| अन्य ब्लॉक | 237 टीमें |
| कुल जिला | 289 टीमें |
| कुल विजिट प्लान | 5,300+ |
| लक्षित जनसंख्या | 9.5 लाख |
बस्तर ब्लॉक में सबसे अधिक 52 टीमें काम कर रही हैं, जो इस ब्लॉक की जनसंख्या घनत्व और स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए तैनात की गई हैं।
लक्ष्य स्पष्ट है — जिले का हर व्यक्ति, हर गांव इस अभियान से जुड़े और स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठाए।
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Bastar Health Campaign – जागरूकता के अनूठे तरीके
स्थानीय भाषा और परंपरागत तरीकों से फैलाई जा रही जागरूकता
Bastar Health Campaign की सफलता के लिए सरकार ने जागरूकता अभियान में स्थानीय संस्कृति और भाषा का सहारा लिया है।
📣 कोटवारों के जरिए मुनादी
गांवों में कोटवारों (ग्राम दूत) के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। इससे उन लोगों तक भी अभियान की जानकारी पहुंच रही है जो मोबाइल या इंटरनेट से नहीं जुड़े हैं।
🔊 स्थानीय भाषा में ऑडियो संदेश
स्थानीय बोली और भाषा में ऑडियो संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। बस्तर के आदिवासी इलाकों में हल्बी, गोंडी जैसी भाषाओं में जानकारी दी जा रही है।
📡 पंचायत स्तर पर लाइव वेबकास्टिंग
पंचायत स्तर पर लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है। इससे एक साथ कई गांवों तक सरकार का संदेश पहुंच रहा है और लोग इस अभियान से सीधे जुड़ पा रहे हैं।
यह तकनीक और परंपरा का अनूठा समन्वय Bastar Health Campaign को वास्तव में जन-जन तक पहुंचाने में मदद कर रहा है।
निष्कर्ष
Bastar Health Campaign यानी ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक दूरदर्शी और जमीनी स्वास्थ्य पहल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सुकमा से शुरू किए गए इस अभियान में 289 स्क्रीनिंग टीमें, 5300 से अधिक विजिट प्लान और 9.5 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य इसे एक ऐतिहासिक कदम बनाता है।
डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल और ABHA से जोड़ाव इस अभियान को और भविष्योन्मुखी बनाता है। यदि यह Bastar Health Campaign अपने लक्ष्य को हासिल करता है, तो बस्तर के आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
