Chhattisgarh Nyota Bhoj ताज़ा खबर: 9763 आयोजन, 1.83 लाख बच्चों को लाभ

Chhattisgarh Nyota Bhoj अब पूरे छत्तीसगढ़ में एक बड़ी चर्चा बन चुका है। रायपुर से आई इस खबर ने हर जिले के लोगों का ध्यान खींचा है। जनवरी से फरवरी 2026 के बीच जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

सोचिए, जब एक छोटे से गांव का बच्चा भी पौष्टिक भोजन पा रहा हो, तो उसका भविष्य कितना मजबूत होगा। इसलिए यह योजना सिर्फ भोजन नहीं दे रही, बल्कि उम्मीद भी जगा रही है। CG के अलग-अलग जिलों में इस पहल का असर साफ दिख रहा है।


Chhattisgarh Nyota Bhoj मामले की पूरी जानकारी

Chhattisgarh Nyota Bhoj कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ में जनवरी से फरवरी 2026 के बीच कुल 9,763 आयोजन किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से 1,83,927 बच्चों को सीधे लाभ मिला। यह जानकारी रायपुर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग ने जारी की है।

CG के बिलासपुर जिले में सबसे अधिक 884 आयोजन हुए, जहां 18,703 बच्चों को पोषण मिला। वहीं कोरबा में 720 आयोजन कर 13,944 बच्चों तक भोजन पहुंचाया गया। रायगढ़ और कांकेर जैसे जिलों में भी इस योजना का प्रभाव दिखा।

अधिकारियों के अनुसार, Chhattisgarh Nyota Bhoj के तहत समाज के लोग अपने खास अवसरों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ भोजन साझा करते हैं। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण मिलता है।

एक अधिकारी ने बताया, “इस योजना से समाज की भागीदारी बढ़ी है और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है।” छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल अब CG के हर जिले में तेजी से फैल रही है।

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छत्तीसगढ़ में कुपोषण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। खासकर दुर्ग-भिलाई और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता था।

इसी समस्या को देखते हुए Chhattisgarh Nyota Bhoj की शुरुआत की गई। हालांकि पहले भी आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन मिलता था, लेकिन इस योजना ने समाज को सीधे जोड़ दिया।

CG के कई जिलों में पहले भी सामुदायिक भोजन के प्रयास हुए हैं, लेकिन इस बार यह पहल बड़े स्तर पर की गई है। इसलिए छत्तीसगढ़ में यह मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

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मुख्य तथ्य

  • Chhattisgarh Nyota Bhoj के तहत 9,763 आयोजन हुए
  • 1.83 लाख से अधिक बच्चों को मिला लाभ
  • बिलासपुर जिला सबसे आगे रहा
  • CG के कई जिलों में योजना का विस्तार
  • आंगनबाड़ी केंद्रों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ी

प्रतिक्रिया और प्रभाव

Chhattisgarh Nyota Bhoj को लेकर छत्तीसगढ़ में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लोगों ने इस पहल की सराहना की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण मिल रहा है। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना कुपोषण कम करने में मदद कर रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लोगों से अपील की है कि वे अपने खास अवसरों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में योगदान दें। इससे CG में सामाजिक जुड़ाव और मजबूत होगा।


Chhattisgarh Nyota Bhoj छत्तीसगढ़ में एक सफल सामाजिक पहल बनकर उभर रहा है। 9,763 आयोजनों और 1.83 लाख बच्चों तक पहुंच इसकी सफलता का प्रमाण है।

आने वाले समय में यह योजना और विस्तार ले सकती है। इसलिए छत्तीसगढ़ और दुर्ग-भिलाई समेत पूरे CG में यह पहल बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रख रही है।

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