Durg जीव दया ग्रुप: बड़ी पहल, गर्मी में राहत का अनोखा काम

Durg जीव दया ग्रुप इन दिनों पूरे Durg-Bhilai इलाके में सेवा का एक शानदार उदाहरण बनकर उभरा है। भीषण गर्मी में जब इंसान ही परेशान हो जाता है, तब इस ग्रुप के युवा बेजुबान पशु-पक्षियों और राहगीरों के लिए राहत बनकर सामने आए हैं।
सुबह से शाम तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में उनकी मौजूदगी दिख रही है। कहीं मवेशियों के लिए पानी रखा जा रहा है, तो कहीं पक्षियों के लिए दाना और सकोरे बांटे जा रहे हैं। इस पहल ने Chhattisgarh और CG में लोगों का दिल जीत लिया है।


Durg जीव दया ग्रुप मामले की पूरी जानकारी

Durg जीव दया ग्रुप की यह पहल Durg जिले के कुम्हारी और शहर के विभिन्न वार्डों में लगातार जारी है। ग्रुप के सदस्यों ने जानकारी दी कि उन्होंने मवेशियों के लिए 250 से अधिक कोटना मंगवाए हैं, जिन्हें अलग-अलग वार्डों में रखा जा रहा है।

वहीं, पक्षियों के लिए लगभग 800 सकोरे तैयार किए गए हैं। इन सकोरों के साथ दाना भी लोगों को निशुल्क दिया जा रहा है। ताकि हर घर में पक्षियों को पानी और भोजन मिल सके।

ग्रुप के सदस्य लाभ छाजेड़ और मिहिर कोचर ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा, “लोगों की मांग बढ़ रही है, इसलिए आगे और भी कोटना और सकोरे उपलब्ध कराए जाएंगे।”

इसके अलावा, Durg शहर में चलित प्याऊ भी शुरू किया गया है। यह प्याऊ सुबह से शाम तक बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमता है। वहीं, तहसील चौक, पुलगांव चौक और कपड़ा मार्केट जैसे स्थानों पर स्थाई प्याऊ भी लगाए गए हैं।

इस सेवा की शुरुआत सदर बाजार स्थित जैन मंदिर से हुई। यहां नवकार मंत्र और मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम शुरू किया गया। इस दौरान Jain समाज के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

अधिक जानकारी के लिए:
👉 https://durg.gov.in
👉 https://cgstate.gov.in


पृष्ठभूमि (Background)

Chhattisgarh में हर साल गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ जाती है। खासकर Durg-Bhilai इलाके में तापमान बढ़ने के साथ पशु-पक्षियों की हालत और खराब हो जाती है।

हालांकि, पहले भी CG के कई शहरों में सामाजिक संगठनों ने ऐसे प्रयास किए हैं। लेकिन इस बार Durg जीव दया ग्रुप ने जिस तरह बड़े स्तर पर काम शुरू किया है, वह अलग नजर आता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरीकरण के कारण पक्षियों के लिए पानी और भोजन मिलना मुश्किल हो गया है। इसलिए ऐसे प्रयास बेहद जरूरी हो गए हैं।

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मुख्य तथ्य

  • Durg जिले में 250 से अधिक कोटना मवेशियों के लिए लगाए गए
  • 800 सकोरे पक्षियों के लिए निशुल्क वितरित किए गए
  • चलित प्याऊ सुबह से शाम तक Durg शहर में घूम रहा है
  • तहसील चौक, पुलगांव चौक में स्थाई प्याऊ लगाए गए
  • CG में Jain समाज के युवाओं ने सेवा की अनूठी मिसाल पेश की

प्रतिक्रिया और प्रभाव

Durg जीव दया ग्रुप की इस पहल को लेकर लोगों में काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की सेवा से समाज में जागरूकता बढ़ती है।

कई लोगों ने खुद आगे आकर सकोरे और कोटना लेने की इच्छा जताई है। जबकि, प्रशासन भी इस पहल को सराह रहा है।

Chhattisgarh में पशु-पक्षियों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर सरकार भी समय-समय पर अभियान चलाती है। हालांकि, इस तरह के सामाजिक प्रयास प्रशासन के काम को और मजबूत बनाते हैं।

ग्रुप के अध्यक्ष नीरज लूनावत ने कहा कि यह सेवा पूरे गर्मी सीजन में जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी इसमें भाग लें और जिम्मेदारी से इन संसाधनों का उपयोग करें।


Durg जीव दया ग्रुप ने यह साबित कर दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। Chhattisgarh के Durg जिले में इस तरह की पहल समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।

आने वाले दिनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ सकता है। इसलिए Durg-Bhilai के लोग अब इस सेवा से जुड़कर इसे और मजबूत बना सकते हैं।

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