Illegal Opium Farming: साय सरकार की बड़ी कार्रवाई, 3 गिरफ्तार

Illegal Opium Farming को लेकर छत्तीसगढ़ में सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेश के कुछ इलाकों में अवैध अफीम की खेती सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद राज्यभर में जांच और कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है। दुर्ग और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में हाल ही में बड़े स्तर पर कार्रवाई हुई है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने न केवल अवैध खेती का भंडाफोड़ किया, बल्कि आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला भी दर्ज किया है।


Illegal Opium Farming पर सरकार का कड़ा एक्शन

प्रदेश में Illegal Opium Farming के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को तुरंत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या कारोबार को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आयुक्त भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ ने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किए। इसके तहत हर जिले के संवेदनशील और संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। प्रशासन को 15 दिनों के भीतर सर्वे पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि जिले में कहीं भी अवैध अफीम की खेती हो रही है या नहीं।

इसी बीच प्रशासन ने कुछ जगहों पर त्वरित कार्रवाई भी की है। दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मात्रा में अफीम के पौधों को जब्त किया और उन्हें नष्ट कर दिया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा अवैध कब्जे को जेसीबी मशीन की मदद से हटाया गया।

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में राज्यभर में और सख्त जांच अभियान चलाया जाएगा।


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Opium Cultivation Durg

कैसे सामने आया मामला

छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में अलग-अलग जिलों से Illegal Opium Farming की खबरें सामने आईं। यह जानकारी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई। विशेष रूप से दुर्ग और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार तुरंत सक्रिय हो गई।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीपानी (खजुरी) में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान करीब 1.47 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी।

टीम ने मौके से लगभग 18 क्विंटल 83 किलोग्राम अफीम के पौधे जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई गई। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया।


Key Facts

  • दुर्ग जिले के समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती का मामला उजागर
  • पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया
  • बलरामपुर में 1.47 एकड़ जमीन पर अवैध खेती पकड़ी गई
  • करीब 18 क्विंटल 83 किलो अफीम पौधे जब्त
  • जब्त पौधों की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये

प्रशासन की प्रतिक्रिया

Illegal Opium Farming के खिलाफ कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त रोक लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में ड्रग्स और मादक पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।

सरकार का मानना है कि अगर समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो यह समाज के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसलिए प्रशासन, पुलिस और वन विभाग मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। इसके साथ ही लगातार निगरानी और सर्वे से अवैध खेती पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।


छत्तीसगढ़ में Illegal Opium Farming के खिलाफ सरकार की सख्ती अब साफ दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद प्रशासन ने राज्यभर में सर्वे और कार्रवाई तेज कर दी है। दुर्ग और बलरामपुर में हुई कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर और भी बड़े खुलासे और कार्रवाई होने की संभावना है।

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