Opium Farming चौंकाने वाला खुलासा, 5 एकड़ में अवैध खेती

Opium Farming का एक चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सामने आया है। यहां मक्का की खेती की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस को जब इस गुप्त खेती की सूचना मिली, तो तुरंत एक विशेष टीम बनाई गई। इसके बाद समोदा गांव में छापा मारा गया। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो खेत में 4 से 5 एकड़ में अफीम की फसल देखकर हैरान रह गई। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं जब्त की गई अफीम की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है।


Opium Farming का बड़ा भंडाफोड़, पुलिस की कार्रवाई

Durg district में Opium Farming के इस मामले ने पुलिस और प्रशासन दोनों को चौंका दिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को पहले मुखबिर से सूचना मिली थी कि समोदा गांव में मक्का की खेती की आड़ में नशे की खेती की जा रही है।

इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण Manishankar Chandra ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया। उन्होंने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने गांव में पहुंचकर संदिग्ध खेत पर छापा मारा।

छापे के दौरान पुलिस को वहां 4 से 5 एकड़ जमीन में अफीम के पौधे लगे मिले। यह देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। तुरंत फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने पौधों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दुर्ग जिले में इस तरह की अवैध Opium Farming का यह पहला मामला माना जा रहा है। जब्त की गई अफीम की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इस अवैध खेती के पीछे और कौन लोग शामिल हैं।

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Background

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस जमीन पर यह खेती की जा रही थी, वह खेत विनायक ताम्रकार का बताया जा रहा है। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने बताया कि उसने यह जमीन अधिया (बटाई) पर ली थी। यानी वह जमीन मालिक को हिस्सा देकर खेती करता था।

इसी व्यवस्था के तहत उसने खेत में मक्का की फसल दिखाई। लेकिन असल में उसी के बीच में अफीम के पौधे लगाए गए थे। इस तरीके से खेती को छिपाने की कोशिश की गई।

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जांच अधिकारियों का कहना है कि यह खेती काफी योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। खेत में अफीम के पौधों को इस तरह लगाया गया था कि दूर से देखने पर मक्का की फसल ही नजर आए।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा।


Key Facts

  • दुर्ग जिले के समोदा गांव में मक्का की आड़ में अवैध Opium Farming पकड़ी गई।
  • पुलिस ने 4 से 5 एकड़ जमीन में अफीम के पौधे जब्त किए।
  • मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
  • खेत विनायक ताम्रकार का बताया जा रहा है, उनसे भी पूछताछ जारी है।
  • जब्त अफीम की कीमत करोड़ों रुपये में अनुमानित है।

Impact और Reactions

Opium Farming के इस खुलासे के बाद दुर्ग जिले में हड़कंप मच गया है। आम लोगों के लिए यह खबर चौंकाने वाली है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में इस तरह की खेती के मामले बहुत कम सामने आते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि गांवों में इस तरह की अवैध गतिविधियां समाज के लिए खतरा बन सकती हैं।

कानून के अनुसार भारत में अफीम की खेती केवल सरकार की अनुमति से ही की जा सकती है। बिना अनुमति इसके उत्पादन को गंभीर अपराध माना जाता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी यहां उपलब्ध है:
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पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध Opium Farming का संबंध किसी बड़े नशा नेटवर्क से तो नहीं है।


दुर्ग जिले में सामने आया यह मामला दिखाता है कि अवैध Opium Farming अब ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रही है। हालांकि पुलिस की सतर्कता से इस बड़े नेटवर्क का शुरुआती सुराग मिल गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इस Opium Farming मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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