दुर्ग (छत्तीसगढ़)। सोलह वर्ष के किशोर के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। मामले के अभियुक्त को कुल 8 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह फैसला आज विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) संगीता नवीन तिवारी की अदालत में सुनाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक संतोष कसार ने पैरवी की थी।
मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। पीड़ित 16 वर्षीय किशोर 12 मई 2019 की रात अपने घर के सामने टहल रहा था। तभी मोहल्ले का ही सुखदेव सिंह (32 वर्ष) उसे काम के बहाने बुलाकर अपने घर ले गया। सुखदेव की पत्नी और बच्चे घर पर नहीं थे। आरोपी ने किशोर को पलंग पर बैठा दिया और दरवाजा बंद कर दिया। जिसके बाद वह किशोर के कपड़े उतार कर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का प्रयास करने लगा। किशोर किसी प्रकार से छूट कर अपने घर पहुंचा और परिजनों को हरकत के संबंध में जानकारी दी। दूसरे दिन पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी।
शिकायत के आधार पर जामुल पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना पश्चात प्रकरण को विचारण के लिए अदालत के समक्ष पेश किया था।
प्रकरण पर विचारण फास्ट ट्रैक कोर्ट में किया गया। विचारण पश्चात स्पेशल कोर्ट ने अभियुक्त सुखदेव को दोषी करार देते हुए दफा 342 के तहत एक वर्ष तथा 377 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 7 वर्ष के कारावास से दंडित किया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
