दुर्ग (छत्तीसगढ़)। तेरह साल की किशोरी के साथ अश्लील हरकत किए जाने के एक मामले में अदालत द्वारा फैसला सुनाया गया है। अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कुल सात वर्ष के कारावास व तीन हजार के अर्थदण्ड से दंडित किए जाने का निर्णय दिया है। अभियुक्त पर किशोरी के साथ रेप का आरोप भी लगाया गया था। जिससे विचारण पश्चात उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सरिता दास की अदालत में बुधवार को सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक राजेश कुमार साहू ने पैरवी की थी।
मामला दुर्ग थाना क्षेत्र का है। पीड़ित किशोरी की मां ने 10 जून 2021 को इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि राजनांदगांव निवासी आरोपी गौकरण साहू (27 वर्ष) उसके यहां किराए से रहता है। मकान की एक अन्य किराएदार महिला ने उन्हें बताया कि उनकी गैरमौजूदगी में गौकरण घर में आता है और नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत करता है। बेटी से पूछताछ करने पर उसने बताया कि युवक दोपहर में घर आता है और उसके साथ अश्लील शारीरिक हरकत करता है। 19 अक्टूबर 2020 की दोपहर आरोपी ने उसे काम के बहाने अपने कमरे में बुलाया और दरवाजा बंद कर शारीरिक संबंध बनाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस प्रकरण पर विचारण विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) में किया गया। विचारण के दौरान अभियुक्त पर नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने का आरोप सिद्ध नहीं होने के कारण उसे दोषमुक्त करार दे दिया गया। वहीं नाबालिग के साथ प्रायः अश्लील शारीरिक हरकत करने का दोषी करार दिया गया। अभियुक्त गौकरण साहू को दफा 354 के तहत दो वर्ष व पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत 5 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले का अभियुक्त गिरफ्तारी के बाद से फैसला आने तक जेल में ही निरूद्ध है।
