Skip to main content

4thnation

Vishnu Deo Sai ने खेत में उतरकर की बियासी

Vishnu Deo Sai ने सोमवार सुबह जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचकर पारंपरिक तरीके से बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाया और बियासी की। मुख्यमंत्री को खेत में हल की मूठ थामे देखकर ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से उनका पुराना जुड़ाव एक बार फिर सामने आया।

मुख्यमंत्री ने खेत में काम करते हुए खेती से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को साझा किया। हरे-भरे खेत, मिट्टी की सौंधी खुशबू और बैलों के साथ पारंपरिक खेती के बीच उन्होंने कहा कि अपने गांव, माटी और खेत से जुड़ने का अनुभव अलग ही सुख देता है।

उन्होंने कहा कि हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो गईं। खेतों के बीच बिताया समय मन को सुकून देने के साथ नई ऊर्जा भी देता है।

4thnation WhatsApp Channel

माटी और खेती से Vishnu Deo Sai का गहरा जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और बचपन से ही खेती-किसानी को करीब से देखा और अनुभव किया है। उनके लिए खेती केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन के संस्कारों से जुड़ी हुई है।

उनके मुताबिक गांव और खेतों ने उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है। यही कारण है कि सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बावजूद अपने गांव और ग्रामीण परिवेश से जुड़ना उन्हें आत्मीयता का अनुभव कराता है।

Vishnu Deo Sai ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपरा से जुड़ी है। प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक जीवन में खेती की अहम भूमिका है।

यह भी पढ़ें: Teej Milan Samaroh में महिलाओं का उत्साह

किसान परिवार से आते हैं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कृषि को छत्तीसगढ़ के जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश के किसान पीढ़ियों से अपने परिश्रम से धरती को सींचते आए हैं। उनके श्रम ने प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार, ग्रामीण परंपराएं और सामाजिक जीवन भी कृषि से गहराई से जुड़े हैं। खेती केवल खेत और फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है। खेती इंसान को मेहनत, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है।

Vishnu Deo Sai ने किसानों के श्रम को किया नमन

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान खेत में सिर्फ फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज के जीवन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। इसलिए किसानों की खुशहाली को प्रदेश की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, समृद्ध कृषि परंपरा और मेहनतकश अन्नदाता किसान हमेशा उनके हृदय के करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि प्रदेश के विकास का मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।

कृषि और किसानों से जुड़ी राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन का आधिकारिक पोर्टल देखा जा सकता है। जशपुर जिले से जुड़ी प्रशासनिक सूचनाओं के लिए जशपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी उपयोगी है।

Vishnu Deo Sai का खेती से रहा है पुराना नाता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जीवन ग्रामीण परिवेश और खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा रहा है। सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच अवसर मिलने पर वे अपने गांव, खेत और ग्रामीण परिवेश से जुड़ते रहे हैं।

गृहग्राम बगिया के खेत में बैलों के साथ हल चलाते हुए उनकी सहजता में अपनी माटी और कृषि परंपरा के प्रति यही आत्मीय लगाव दिखाई दिया।

किसानों के लिए मजबूत संदेश

Vishnu Deo Sai का खेत में उतरकर पारंपरिक तरीके से बियासी करना किसानों और कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है। मुख्यमंत्री ने जिस तरह खेती को जीवन के संस्कार से जोड़ा, उससे छत्तीसगढ़ की ग्रामीण परंपराओं और अन्नदाता के महत्व को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री का यह खेत दौरा केवल खेती से जुड़ी पुरानी यादों को ताजा करने का अवसर नहीं रहा, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी और किसानों के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव को भी सामने लाया। Vishnu Deo Sai ने अन्नदाता किसानों के श्रम को नमन करते हुए साफ कहा कि किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मजबूत आधार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *