Sukma News में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता सामने आई है। संयुक्त अभियान के दौरान बेलपोचा-गोमपाड़ के घने जंगल क्षेत्र में एक संदिग्ध नक्सली डंप का पता लगाया गया और वहां से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह कार्रवाई 31 अगस्त 2026 को सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान सुकमा जिला बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने चलाया। ऑपरेशन को हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कैडरों से मिली विशिष्ट और कार्रवाई योग्य जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया।
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Sukma News: संयुक्त अभियान में क्या-क्या मिला?
सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान करीब 8 किलोग्राम IED सामग्री बरामद की। इसमें दो टिफिन बम, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन स्टिक और कई मीटर कॉर्डेक्स डेटोनेशन वायर शामिल थे।
बरामद सामग्री को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीर मामला माना है। अधिकारियों के अनुसार, जंगल में इस तरह का विस्फोटक डंप छिपाकर रखना सुरक्षाबलों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता था।
Sukma News: सरेंडर नक्सलियों से मिली थी जानकारी
इस पूरे अभियान की शुरुआत एक महत्वपूर्ण खुफिया इनपुट के बाद हुई। हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने बेलपोचा-गोमपाड़ वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच संयुक्त टीम ने इलाके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को छिपाकर रखा गया विस्फोटक डंप मिला।
यह बरामदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों से प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरक्षा बल जंगलों में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों तक पहुंच रहे हैं।
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सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की थी साजिश?
सुकमा के पुलिस अधीक्षक (SP) मयंक गुर्जर के अनुसार, बरामद सामग्री नक्सलियों की एक बड़ी रणनीतिक साजिश का हिस्सा थी। पुलिस का आकलन है कि इसका इस्तेमाल सुरक्षाबलों को निशाना बनाने और बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता था।
हालांकि, बरामद विस्फोटकों को किसी विशेष हमले या लक्ष्य से जोड़ने वाली विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इसे संभावित हमले की तैयारी के रूप में रिपोर्ट करना अधिक उचित है, न कि किसी निश्चित हमले की पुष्टि के रूप में।
बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोटकों को किया निष्क्रिय
विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। टीम ने बरामद विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
इस कार्रवाई से जंगल में छिपी विस्फोटक सामग्री से पैदा होने वाला तत्काल खतरा टल गया। अधिकारियों के मुताबिक, समय पर बरामदगी से संभावित नुकसान को रोकने में मदद मिली।
सुरक्षा कारणों से विस्फोटक सामग्री को लेकर विस्तृत तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान क्षेत्र को सुरक्षित बनाने और अन्य संभावित डंप की तलाश पर है।
Sukma News: जंगल में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज
विस्फोटक डंप बरामद होने के बाद आसपास के वन क्षेत्र में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबल यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं आसपास अन्य हथियार, विस्फोटक या नक्सली ठिकाने तो मौजूद नहीं हैं।
बेलपोचा-गोमपाड़ का घना जंगल सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण इलाका है। ऐसे क्षेत्रों में छिपे डंप की पहचान के लिए खुफिया जानकारी और जमीनी तलाशी अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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सुकमा में लगातार जारी अभियान
सुकमा और बस्तर क्षेत्र में सुरक्षाबलों की ओर से नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी हैं। हाल के महीनों में भी जिले के विभिन्न जंगल क्षेत्रों से हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
31 अगस्त की इस कार्रवाई से एक बार फिर संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियां जंगलों में छिपाए गए पुराने नक्सली डंप और विस्फोटक भंडारों को खोजने पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
Sukma News में सामने आई यह कार्रवाई सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी है। बेलपोचा-गोमपाड़ जंगल में संयुक्त अभियान के दौरान 8 किलो IED सामग्री, दो टिफिन बम, 10 डेटोनेटर और 17 जिलेटिन स्टिक समेत अन्य सामग्री बरामद की गई। बम डिस्पोजल टीम ने विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया है और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री संभावित रूप से सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की नक्सली साजिश का हिस्सा थी।
