School Praveshotsav Bilaspur के तहत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ उत्साह और उमंग के साथ किया गया। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सेजेस लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में हिस्सा लिया। इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मुंह मीठा कर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया।
विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पालकों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शिक्षा के महत्व का संदेश देना रहा।
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School Praveshotsav Bilaspur में बच्चों का आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया। बच्चों को मिठाई खिलाई गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
अतिथियों ने विद्यार्थियों के साथ न्योता भोज में भी भाग लिया। इस दौरान छात्राओं को सरस्वती सायकल योजना के तहत निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं ताकि वे नियमित रूप से विद्यालय आ सकें।
कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
School Praveshotsav Bilaspur: शिक्षा और संस्कार पर विशेष जोर
मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने कहा कि School Praveshotsav Bilaspur केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में उसकी प्राथमिक शिक्षा की यादें हमेशा रहती हैं। इसलिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अच्छे संस्कार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और ईमानदारी से पढ़ाई करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे भविष्य में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मेहनत को बताया सफलता की कुंजी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
उन्होंने बताया कि आज अधिकांश विद्यालयों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। यदि छात्र नियमित अध्ययन करेंगे तो वे अपने सभी सपनों को पूरा कर सकते हैं।
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School Praveshotsav Bilaspur में छात्राओं को साइकिल, शिक्षकों को सम्मान
विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने विद्यालयों के सामाजिक ऑडिट की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय जर्जर, शौचालयविहीन या अवैध कब्जे से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बिल्हा शासकीय स्कूल के शिक्षक श्री कलेश्वर साहू को सम्मानित किया गया। उन्होंने दो लाख सीड-बॉल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसके अलावा निःशुल्क शैक्षणिक सहयोग देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और आकर्षक बना दिया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्राथमिकता
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल सहित अनेक अधिकारी, शिक्षक, पालक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना तथा शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
सरकार लगातार विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
School Praveshotsav Bilaspur ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं बल्कि समाज के भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत, छात्राओं को साइकिल वितरण, शिक्षकों का सम्मान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष जोर यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ शिक्षा के प्रति समाज की भागीदारी भी मजबूत करते हैं।
