School Education Review के तहत शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों की गणित, हिंदी और अंग्रेजी की मजबूत नींव तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए कैलेंडरवार, शालावार और विषयवार समय-सारणी के अनुसार नियमित पढ़ाई और रिवीजन टेस्ट अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं।
बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, संभागीय संयुक्त संचालक एच.आर. सोम सहित सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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School Education Review में प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर जोर
School Education Review बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि गणित, हिंदी और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों की पढ़ाई निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कराई जाए। साथ ही विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता का नियमित मूल्यांकन करने के लिए रिवीजन टेस्ट और यूनिट टेस्ट आयोजित किए जाएं।
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ऑनलाइन उपस्थिति में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान आधार बेस ऐप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा VSK App के जरिए शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की गई।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर वापस भेजने के निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की गई।
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School Education Review में परीक्षा परिणाम सुधारने की रणनीति
शिक्षा मंत्री ने बसाहटवार प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना तथा बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर विषयवार यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षाएं आयोजित की जाएं ताकि विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर हो सके।
कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के प्राचार्यों की विशेष बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए।
नामांकन, छात्रवृत्ति और योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों, युक्तियुक्तकरण तथा स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
इसके अलावा छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्यपुस्तक वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन, न्यौता भोजन और निर्माण कार्यों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को मिलेगा नया स्वरूप
School Education Review बैठक में शिक्षा मंत्री ने स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को पीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जर्जर विद्यालय भवनों को नियमानुसार ध्वस्त कराने, आवश्यक मरम्मत कार्यों में उपलब्ध बजट का उपयोग करने तथा सभी विद्यार्थियों तक 100 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
साथ ही अवितरित पुस्तकों का संकुल एवं विद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए।
सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को मिली सौगात
बैठक से पहले शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को निःशुल्क सायकल और उपहार वितरित किए।
उन्होंने छात्राओं को मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया।
School Education Review के दौरान लिए गए निर्णय प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नियमित रिवीजन टेस्ट, ऑनलाइन उपस्थिति की निगरानी, 100 प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों का उन्नयन और छात्र हित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यदि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तो School Education Review प्रदेश के विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।
