रायपुर, 21 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के कांकेर जिले में स्थित रोघाट तक पहली बार रेल कनेक्टिविटी पहुंच गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ताड़ोकी-रोघाट रेल खंड का उद्घाटन किया और यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस शुरुआत को क्षेत्र के परिवहन और विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का भी उद्घाटन किया और इस मार्ग पर यात्री सेवा की शुरुआत की। कार्यक्रम रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुआ, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोघाट तक रेल पहुंचना केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार नहीं है, बल्कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में अहम कदम है।
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Rowghat Railway Line: 1,628 करोड़ रुपये में पूरी हुई परियोजना
दल्लीराजहरा-रोघाट रेल लाइन की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इस परियोजना को लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रोघाट खंड का काम पिछले महीने पूरा हुआ था।
इससे पहले दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक 77.5 किलोमीटर के हिस्से में यात्री रेल सेवाएं संचालित हो रही थीं। अब अंतिम खंड पूरा होने के बाद रेल सेवा रोघाट तक पहुंच गई है।
यह रेल लाइन लगभग 240 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रोघाट-जगदलपुर रेल परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना में छत्तीसगढ़ सरकार, NMDC, SAIL और भारतीय रेलवे की संयुक्त भागीदारी है।
बस्तर के लोगों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
Rowghat Railway Line से क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेल सेवा शुरू होने से यात्रियों को आवागमन के लिए एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिलेगा।
दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने तथा लोगों की आवाजाही आसान बनाने में भी मदद मिल सकती है।
रायपुर से रोघाट तक रेल सेवा का विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से रोघाट को जोड़ने वाली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह कनेक्टिविटी दल्लीराजहरा के रास्ते रोघाट तक पहुंचती है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ताड़ोकी-रोघाट खंड के उद्घाटन के साथ रायपुर का रेल संपर्क दल्लीराजहरा के माध्यम से रोघाट तक स्थापित हो गया है।
उन्होंने बताया कि आगे इस रेल संपर्क को जगदलपुर तक बढ़ाने की योजना है। इसके बाद इसे ओडिशा के कोरापुट और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
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लौह अयस्क परिवहन को मिलेगा लाभ
रोघाट क्षेत्र में लौह अयस्क की खदानें हैं। रेल परियोजना से यहां से लौह अयस्क को इस्पात संयंत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसमें भिलाई स्थित SAIL का भिलाई इस्पात संयंत्र भी शामिल है।
रेल परिवहन से माल ढुलाई के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकता है। हालांकि, इससे परिवहन लागत और समय में कितनी कमी आएगी, यह परिचालन व्यवस्था और माल ढुलाई की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करेगा।
रोघाट-जगदलपुर रेल परियोजना से विकास को उम्मीद
रोघाट से जगदलपुर तक रेल लाइन का विस्तार इस परियोजना का अगला महत्वपूर्ण चरण है। रेल मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रोघाट-जगदलपुर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।
इस विस्तार से बस्तर के दूसरे क्षेत्रों को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन को भी लाभ मिलने की संभावना है।
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, छत्तीसगढ़ में करीब 57,000 करोड़ रुपये के रेलवे कार्य चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में रेलवे विद्युतीकरण 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है और रेल परियोजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
अभनपुर-कुरूद रेल लाइन भी शुरू
रायपुर के आसपास रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का भी उद्घाटन किया गया। यह खंड अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना का हिस्सा है।
अभनपुर से कुरूद तक 22 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पूरी हो चुकी है। वहीं, कुरूद से धमतरी के बीच शेष कार्य जारी है।
इस रेल सेवा से कुरूद और रायपुर के बीच यात्रा करने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में बनेगी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस सुविधा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला भी रखी। राज्य सरकार के अनुसार, इस केंद्र में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता होगी।
रेल मंत्री ने बताया कि यहां आधुनिक 9,000 हॉर्सपावर वाले इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की व्यवस्था होगी। उन्होंने भविष्य में इन इंजनों के निर्यात की संभावना का भी उल्लेख किया।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इनमें से आठ स्टेशन विकसित कर राष्ट्र को समर्पित किए जा चुके हैं।
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Rowghat Railway Line का शुरू होना छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परिवहन उपलब्धि है। इससे रोघाट तक रेल संपर्क पहुंचा है और स्थानीय लोगों के लिए यात्रा, व्यापार तथा आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। अब रोघाट-जगदलपुर विस्तार और अन्य रेलवे परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रहेगी। इन योजनाओं के समय पर पूरा होने से बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को आगे मजबूती मिल सकती है।
