Raksha Bandhan 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ में भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता से जुड़ा खास क्षण देखने को मिला। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधी।
रायपुर में हुए इस आत्मीय अवसर पर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, विश्वास और सम्मान का संदेश सामने आया। डॉ. उषा बारले ने मंत्री को राखी बांधकर रक्षाबंधन के पर्व को आत्मीयता के साथ मनाया।
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व का पर्व माना जाता है। यह त्योहार परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान तथा आपसी विश्वास के रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देता है।
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Raksha Bandhan 2026 पर डॉ. उषा बारले ने बांधी राखी
पद्मश्री डॉ. उषा बारले छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की प्रमुख पहचान हैं। पंडवानी और पंथी गायन के क्षेत्र में उनके योगदान को देशभर में पहचान मिली है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय और विशेष क्षण बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा के माध्यम से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. बारले का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सम्मान की बात है।
मंत्री ने कहा कि उनके लिए यह राखी केवल पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।
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राखी केवल धागा नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने तक सीमित पर्व नहीं है। यह भाई-बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राखी का पवित्र धागा सभी को अपने रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
रक्षाबंधन का पर्व परिवार के रिश्तों को मजबूत करने के साथ सामाजिक स्तर पर भी आपसी सद्भाव और अपनत्व का संदेश देता है।
Raksha Bandhan 2026 में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का संदेश
मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की संस्कृति में भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की परंपराएं पर्व और त्योहारों के माध्यम से समाज को जोड़ने तथा आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती हैं। रक्षाबंधन भी इसी आत्मीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
छत्तीसगढ़ की लोककला, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत प्रदेश की पहचान हैं। इन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने और व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने की जरूरत पर भी मंत्री ने जोर दिया।
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से है। सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को देश-दुनिया के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
डॉ. उषा बारले जैसी लोक कलाकारों ने प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके योगदान से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
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Raksha Bandhan 2026 पर मंत्री ने दी शुभकामनाएं
रक्षाबंधन के अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेश की माताओं, बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
उन्होंने कहा कि भाई-बहन का स्नेह हमेशा बना रहे और हर परिवार में खुशियों का संचार हो। रक्षाबंधन लोगों को अपने रिश्तों को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस अवसर पर परिवार और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाने के साथ छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
Raksha Bandhan 2026 का यह अवसर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले द्वारा मंत्री राजेश अग्रवाल को राखी बांधने के साथ स्नेह, सम्मान और विश्वास का संदेश दिया गया। मंत्री ने भी प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए रिश्तों को मजबूत करने और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
